हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर खाली हुई राज्यसभा सीट के लिए नामांकन प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है, जिसमें मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच तय हो गया है। संजय भाटिया (भाजपा): पूर्व सांसद संजय भाटिया ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में अपना पर्चा भरा। भाजपा के पास विधानसभा में संख्या बल होने के कारण उनकी स्थिति मजबूत मानी जा रही है। कांग्रेस ने चौंकाते हुए कर्मवीर बौद्ध को मैदान में उतारा है। उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस के तमाम विधायकों के साथ अपना नामांकन दाखिल किया।
कांग्रेस ने एकजुटता दिखाते हुए अपने प्रत्याशी के साथ शक्ति प्रदर्शन किया
यह चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि कांग्रेस ने एकजुटता दिखाते हुए अपने प्रत्याशी के साथ शक्ति प्रदर्शन किया है। अब सबकी नजरें मतदान और नतीजों पर टिकी हैं। गुरुवार को विधानसभा भवन पहुंचकर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार संजय भाटिया ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत भाजपा के कई नेता मौजूद रहे। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी कर्मवीर सिंह बौद्ध ने भी विधानसभा भवन पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कांग्रेस के 34 विधायक मौजूद रहे। नामांकन के बाद कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध ने कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताया। वहीं राज्यसभा चुनाव में एक तीसरा उम्मीदवार भी मैदान में आ उतर चुका है।
सतीश नांदल ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल किया
रोहतक जिले के बोहर गांव के रहने वाले सतीश नांदल ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके साथ निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल, देवेंद्र कादियान और राजेश जून विधानसभा पहुंचे और पर्चा भरवाया। नामांकन से पहले सतीश नांदल ने मीडिया से कहा कि उनके साथी विधायकों ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में एक निर्दलीय उम्मीदवार भी होना चाहिए, इसी सोच के तहत उन्होंने नामांकन दाखिल किया है।