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The Haryana Story | बजट सत्र के 8वें दिन सदन में बजट पर जोरदार चर्चा, कांग्रेस विधायकों ने सरकार की नीतियों पर उठाए तीखे सवाल

बजट सत्र के 8वें दिन सदन में बजट पर जोरदार चर्चा, कांग्रेस विधायकों ने सरकार की नीतियों पर उठाए तीखे सवाल

हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का आठवां दिन (5 मार्च 2026) काफी गहमागहमी भरा रहा, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का आठवां दिन (5 मार्च 2026) काफी गहमागहमी भरा रहा, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सदन में चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी एसवाईएल के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जब मनोहर लाल खट्टर मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने अवमानना का केस दायर करने और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से मिलने की बात कही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है और जब तक अवमानना का मामला दायर नहीं किया जाएगा, तब तक इस मुद्दे का समाधान कैसे होगा। इस पर मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि यह मामला 1987 से चल रहा है और अभी तक एसवाईएल का पानी हरियाणा में नहीं आया है, लेकिन हरियाणा को उसका हक जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा रखना चाहिए।

छोटे व्यापारियों को परेशान करने का आरोप

कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने जीएसटी को "गब्बर सिंह टैक्स" बताते हुए सरकार पर महंगाई बढ़ाने और छोटे व्यापारियों को परेशान करने का आरोप लगाया। विपक्ष ने दावा किया कि पेट्रोल-डीजल पर उच्च वैट और स्कूटर जैसी वस्तुओं पर 28% टैक्स ने आम जनता पर बोझ डाला है। ग्रामीण विकास के लिए नारनौंद विधानसभा के गांवों को जोड़ने वाले 5-करम चौड़े कच्चे रास्तों को पक्का करने का प्रस्ताव रखा गया। वहीं विपक्ष ने बजट दस्तावेजों में एसवाईएल के जिक्र की कमी पर सवाल उठाए। जवाब में सत्ता पक्ष ने तर्क दिया कि उनकी सरकार ने राज्य की हर नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित किया है। 

मतलब घी पियो और मौज उड़ाओ

कांग्रेस विधायक रघुबीर कादियान ने बजट पर तंज कसते हुए कहा कि इसका मतलब घी पियो और मौज उड़ाओ जैसा है। उन्होंने कहा कि बजट में एसवाईएल नहर का कोई जिक्र नहीं है और इसके लिए कोई धनराशि भी आवंटित नहीं की गई, जबकि यह हरियाणा की जीवन रेखा है और किसान इससे उम्मीद लगाए बैठे हैं। आरोप लगाया कि हरियाणा "कर्ज के जाल" में फंस रहा है और सरकार हर महीने 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज ले रही है। उन्होंने पेश किए गए बजट के आंकड़ों को भ्रामक बताया।

गांवों के तालाबों की सफाई नहीं हो रही

कांग्रेस विधायकों ने चर्चा के दौरान गांवों के तालाबों के कायाकल्प, बीमा क्लेम की समस्याओं और धान खरीद में कथित 5,000 करोड़ रुपये के घोटाले जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए। प्रश्नकाल के दौरान गांवों के तालाबों का मुद्दा भी उठा। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि बार-बार सवाल लगाने के बावजूद एक जैसा जवाब मिल रहा है और गांवों के तालाबों की सफाई नहीं हो रही। उन्होंने बताया कि उनके पास 68 फोटो हैं और तीन बच्चों की तालाब में डूबने से मौत भी हो चुकी है।सत्र के दौरान माहौल उस समय हल्का हो गया जब डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा ने एक किस्सा सुनाया।

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