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The Haryana Story | 'बादशाह' के खिलाफ भड़के किसान नेता रतनमान, बोले : बच्चियों के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल अशोभनीय

'बादशाह' के खिलाफ भड़के किसान नेता रतनमान, बोले : बच्चियों के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल अशोभनीय

रतनमान ने मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, मुख्य सचिव, गृहसचिव, डीजीपी, आईजी, एसपी को की शिकायत

भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने प्रसिद्ध रैपर/गायक बादशाह द्वारा गाए गए हरियाणवी गीत ‘टटिहरी’ को लेकर मोर्चा खोल दिया है। भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने मुख्यमंत्री, गृ़हमंत्री, मुख्य सचिव, गृहसचिव, डीजीपी, आईजी, एसपी को बादशाह के खिलाफ शिकायत दी है। रतन मान ने कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि इस गीत में महिलाओं के प्रति अत्यंत अशोभनीय एवं आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है, जिससे हरियाणा की संस्कृति, समाज और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची है।

प्रदेश की संस्कृति को गलत तरीके से प्रस्तुत किया

रतन मान ने कहा कि हरियाणा अपनी समृद्ध संस्कृति, सभ्यता और महिलाओं के सम्मान के लिए पूरे देश में जाना जाता है, लेकिन इस प्रकार के गीतों के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से गीत में प्रयुक्त पंक्ति ‘आया बादशाह डोली चढ़ाने, इन सबकी घोड़ी बनाने’ को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा समाज में गलत संदेश देती है और युवाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस गीत के वीडियो में हरियाणा रोडवेज की बस का उपयोग भी दिखाया गया है, जो एक सरकारी संपत्ति है। यदि इसका प्रयोग बिना उचित अनुमति के किया गया है, तो यह भी नियमों का उल्लंघन है और इसकी जांच होनी चाहिए।

कार्रवाई नहीं की गई तो बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी भाकियू

रतन मान ने इस मामले को गंभीर मानते हुए करनाल के पुलिस अधीक्षकों को औपचारिक शिकायत देकर गायक, सह-कलाकार, संगीत निर्माता, तथा गीत के निर्माण से जुड़े सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाए और इस गीत को सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटवाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। रतन मान ने कहा कि यदि इस प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भारतीय किसान यूनियन हरियाणा इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।    

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