हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 25 मार्च को युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग की समीक्षा बैठक में आईटीआई (ITI) युवाओं के रोजगार और कौशल विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आईटीआई से पास होने वाले प्रशिक्षुओं के शिक्षुता (Apprenticeship) और प्लेसमेंट डेटा को एकत्रित करने के लिए एक व्यापक डिजिटल पोर्टल बनाया जाए। साथ हर जिला में रोजगार के बड़े मेले लगाएं जाए। बकायदा इसके लिए विभाग कलेंडर भी जारी करें। ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिल सके।
पोर्टल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के प्रशिक्षण और रोजगार की स्थिति पर डिजिटल ट्रैकिंग
इस पोर्टल के माध्यम से राज्य के औद्योगिक संस्थानों को आईटीआई पास आउट युवाओं का डेटा उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उद्योगों को सीधे उनकी आवश्यकता के अनुसार कुशल जनशक्ति मिल सके। पोर्टल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के प्रशिक्षण और रोजगार की स्थिति पर नजर रखना (डिजिटल ट्रैकिंग) है। मुख्यमंत्री ने हर जिले में बड़े स्तर पर रोजगार मेले (Job Fairs) आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विभाग को एक औपचारिक वार्षिक कैलेंडर जारी करने के लिए कहा गया है ताकि अधिक से अधिक युवाओं को अवसर मिल सकें। राज्य में 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) के विकास को देखते हुए, मुख्यमंत्री ने आईटीआई संस्थानों में आधुनिक मशीनरी लगाने और प्रशिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकों में प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया है।
स्टूडेंट्स में पढ़ाई के साथ-साथ हाथ का हुनर भी हो
समीक्षा बैठक में विभाग के मंत्री गौरव गौतम ने पुष्प भेंट करते हुए मुख्यमंत्री का स्वागत भी किया। मुख्यमंत्री के समक्ष कौशल निदेशालय की निदेशक वन्दना दिसोदिया द्वारा एक प्रस्तुति के माध्यम से विभाग की गतिविधियां व उपलब्धियां भी प्रस्तुत की गई। इस दौरान प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण, शुरूआती प्रशिक्षण, आईटीआई का प्रतिष्ठानों के साथ ज्ञापन समझौता, आईटीआई संस्थानों में भवन रिपेयर के कार्य व सीएसआर के तहत प्रयोगशाला/आईटीआई का उन्नयन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक के दौरान, हरियाणा कौशल विकास मिशन की गतिविधियों व उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि नई शिक्षा नीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि स्टूडेंट्स में पढ़ाई के साथ-साथ हाथ का हुनर भी हो। क्योंकि जिसमें हाथ का हुनर होगा, वो रोजगार परक भी होगा। उन्होंने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटीआई पास करने वाले स्टूडेंट्स की मानटरिंग की व्यवस्था की जाएं कि आखिर पास आउट होने के बाद क्या उन्हें रोजगार मिला या नहीं।
इंटर्नशीप पर जाने वाले स्टूडेंट्स का भी ब्यौरा रखा जाए
इसी प्रकार से इंटर्नशीप पर जाने वाले स्टूडेंट्स का भी ब्यौरा रखा जाएंं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं में प्रतिभा को निखारने के लिए आईटीआई को विशेष रूप से अपग्रेड किया जाएं। क्योंकि जिस प्रकार से 10 आईएमटी खोले जाने की दिशा में काम चल रहा है, ऐसे में आने वाले दिनों में स्किल युवाओं की डिमांड काफी होगी। ऐसे में हमारा फोक्स क्वालिटी पर होना चाहिए। नई तकनीक की जहां जरूरत है, उस दिशा में काम किया जाएं। खास तौर पर जिस प्रकार से वर्तमान में एआई और तकनीक बढ़ रही है, उससे संबंधित ट्रेड भी आईटीआई में हो। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में चल रही आईटीआई में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी को लेकर भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों में मशीनरी खराब है, या पुरानी तकनीक की है उन्हें अपग्रेड किया जाएं। इसी प्रकार आईटीआई इंस्ट्रक्टरों को नई तकनीक के बारे में भी ट्रेनिंग देना सुनिश्चित किया जाएं।
बकायदा इसके लिए सरकार ने योजना बना ली
वहीं, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटीआई की बिल्डिंग, चारदीवारी और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाएं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक के दौरान हरियाणा कौशल विकास मिशन की गतिविधियों व उपलब्धियों की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि समक्ष की ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर कामकाज इत्यादि संबंधित कांट्रेक्ट दिए जाएं। बकायदा इसके लिए सरकार ने योजना बना ली है। उन्होंने कौशल मिशन के अधिकारियों को ड्रॉन दीदी और सक्षम कॉनट्रैक्टर युवा योजना के प्रशिक्षण को समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में निजी आईटीआई को लेकर भी समीक्षा हुई। इस दौरान बताया गया कि कुछ जगहों पर निजी आईटीआई में अनियिमितताएं मिली है। जिस पर मुख्यमंत्री ने सख्ती से इस दिशा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
योजना का और अधिक विस्तार करने व प्रत्येक सरकारी आईटीआई में लागू करने के निर्देश
उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों में प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण के लिए नहीं आते है, अपितु नॉन अटैंडिंग कल्चर में संस्थान चल रहे है। उन पर सख्त कार्रवाई की जाएं। बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के राज्य मंत्री गौरव गौतम ने एसडीआईटी की दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली को एक अच्छी रोजगार सम्पन्न योजना बताते हुए उन्होंने इस योजना का और अधिक विस्तार करने व राज्य की प्रत्येक सरकारी आईटीआई में लागू करने के निर्देश दिये। साथ ही विशेषतौर पर पीएम सेतू योजना को समय सीमा अनुसार लागू करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही आईटीआई संस्थानों में खेल गतिविधियों के लिए कलेंडर जारी करने व प्रशिक्षणार्थियों का उद्योगों में शैक्षणिक टूर करवाने के निर्देश भी दिए गए। यह टूर ना सिर्फ हरियाणा के बड़े बड़े औद्योगिक संस्थानों में करवाएं जाएंगे, साथ ही दूसरे राज्यों में स्थित औद्योगिक संस्थानों में भी करवाये जाएंगे।
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