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The Haryana Story | कमर्शियल सिलेंडर के अभाव में ढाबों पर लट रहे ताले, लकड़ी व कोयले की भट्टी की तरफ रुख़

कमर्शियल सिलेंडर के अभाव में ढाबों पर लट रहे ताले, लकड़ी व कोयले की भट्टी की तरफ रुख़

सरकार व प्रशासन की ओर से घरेलू गैस की कोई किल्लत न होने की बात कही जा रही है, लेकिन इसके बावजूद भी उपभोक्ताओं घरेलू गैस से वंचित होना पड़ रहा है

अमेरिका इजरायल ईरान युद्ध के चलते कई राज्यों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत के कारण ढाबों और छोटे होटलों पर तालाबंदी की नौबत आ गई है। पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल-अमेरिका) में जारी तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने से भारत में गैस का आयात प्रभावित हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, आपूर्ति ठप होने से करीब 20% होटल और रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद हो गए हैं। हरियाणा के मुरथल जैसे बड़े ढाबा हब में भी इसका गहरा असर देखा जा रहा है। गैस न मिलने के कारण कई ढाबा मालिक भोजन पकाने के लिए लकड़ी की भट्टियों और कोयले का उपयोग करने को मजबूर हैं।

सिलेंडरों की भारी कमी के चलते कालाबाजारी बढ़ गई

व्यावसायिक सिलेंडरों की भारी कमी के चलते कालाबाजारी बढ़ गई है। कई जगहों पर 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर ₹1,800 के सामान्य दाम से बढ़कर ₹3,000 तक में बिक रहा है। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति जल्दी नहीं सुधरी, तो 50-60% छोटे रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं, जिससे लाखों कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार का पक्ष: केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि उन्होंने घरेलू एलपीजी (PNG/CNG) को प्राथमिकता दी है। हालांकि, ताजा अपडेट के अनुसार कमर्शियल सप्लाई को बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं और यह पूर्व स्तर के 70% तक पहुँच गई है। कुछ बड़े ढाबों ने इस संकट से निपटने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का विकल्प अपनाना शुरू कर दिया है, लेकिन छोटे ढाबों के लिए यह निवेश कठिन बना हुआ है।

ढाबा, रेस्टोरेंट व होटल मालिक परेशान

सरकार व प्रशासन की ओर से घरेलू गैस की कोई किल्लत न होने की बात कही जा रही है, लेकिन इसके बावजूद भी उपभोक्ताओं घरेलू गैस से वंचित होना पड़ रहा है, जिसमें मध्यम वर्ग व छोटी दुकानदारों पर इसका असर पड़ता जा रहा है जिसमें ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल है। दरअसल कंपनी द्वारा जारी किए गए बुकिंग ऑनलाइन नंबर कभी खोल दिया जा रहा है तो कभी सर्वर डाउन होने का मामला सामने आ रहा है एजेंसी की ओर से कहा जा रहा है कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है बस केवल उपभोक्ता बुकिंग करवाकर डीएससी कोड मिलने के बाद सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं लेकिन करीब पिछले 20 दिनों से कमर्शियल सिलेंडर नहीं आ रहा इसी के चलते ढाबा, रेस्टोरेंट व होटल मालिक परेशान नजर आ रहे हैं। 

ढाबा मालिक ने अपने ढाबे को बंद कर दिया

किसी भी भाव में सिलेंडर नहीं मिल रहा जिसके चलते कोई ढाबा मालिक लकड़ी व कोयले की भट्टी तो कोई स्टोव, हीटर, इंडक्शन चूल्हा आदि का सहारा लेकर ग्राहकों के लिए खाना परोस रहे हैं, जिनके लिए पुरानी यादें ताजा हो गई है हालांकि खाना परोसने के लिए देरी से समय लगता है जिसके इंतजार में ग्राहक वापस लौट रहे हैं इसके अलावा खाने-पीने के दाम बढ़ गए हैं। कमर्शियल सिलेंडर के अभाव में पानीपत हाईवे पर स्थित गांव पट्टीकल्याणा में ढाबा मालिक ने अपने ढाबे को बंद कर दिया है इसके आगे कुछ चारपाई रख दी गई है। 

लकड़ी व कोयले की भट्टी जलाकर कारीगरों द्वारा खाना परोसने का काम किया

युद्ध होने से पहले हालात सामान्य तौर पर चल रहे थे यही कारण है कि कुछ ढाबों पर ग्राहकों की इस कदर भीड़ जमा हो रही थी कि पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती थी लेकिन आज ग्राहकों की संख्या में भारी कमी देखने को मिल रही है, जिसमें पानीपत के समालखा स्थितढाबा मालिक रेशम सिंह ने बताया कि पिछले 20 दिनों से कमर्शियल सिलेंडर न मिलने के कारण मुश्किलें खड़ी हो गई है जिसके चलते ग्राहकों को खाना परोसने के लिए वर्षों बाद लकड़ी व कोयले की भट्टी की याद आई है। लकड़ी व कोयले की भट्टी जलाकर कारीगरों द्वारा खाना परोसने का काम किया जा रहा है जिसमें काफी समय लगता है। इसी को लेकर ढाबे पर खाना परोसने का कार्य कम करके केवल 30 या 35 ग्राहकों के लिए खाना परोसा जाएगा।

घरेलू गैस की काफी दिनों से कमी

उधर गांव पट्टीकल्याण निवासी महिला कमलेश ने बताया कि घरेलू गैस की काफी दिनों से कमी के चलते अब चूल्हे पर परिवार के लिए खाना परोसा जा रहा है। उधर रेहड़ी संचालक प्रमश कुमार ने बताया कि पहले कमर्शियल सिलेंडर से आलू पुरी की सब्जी ग्राहकों के लिए बनाई जा रही थी लेकिन सिलेंडर न मिलने से लकड़ी की भट्ठी जलाकर ग्राहकों के लिए आलू पूरी की सब्जी परोसी जा रही है जिसमें कुछ समय लगता है लेकिन जल्दबाजी में ग्राहक वापस लौट रहे हैं उधर क्रूड ऑयल के चलते खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ते जा रहे हैं जिसमें प्लास्टिक करीब 20% महंगा हो गया है इसी तरह रिफाइंड व अन्य तेल के भाव में 10 से 15% की बढ़ोतरी हुई है जिसे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है युद्ध के चलते इसकी मार ग्राहकों पर पड़ रही है। 

समस्या का समाधान करवाने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे

हालांकि सरकार की ओर से इस समस्या का समाधान करवाने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं और अफवाहों से दूर रहने को कहा जा रहा है, दूसरी और आज तक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से मामले को लेकर निरीक्षण तक नहीं किया गया, इस बारे संबंधित विभाग के अधिकारी से संपर्क नहीं हो पाया हालांकि शहर की नई अनाज मंडी तिरुपति गैस एजेंसी मालिक प्रवीन जुनेजा ने बताया कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। रोजाना काफी संख्या में उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं लेकिन कमर्शियल सिलेंडर की दिक्कत है उम्मीद है कि जल्द ही समाधान कराया जाएगा।

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