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The Haryana Story | आयुष्मान योजना में धांधली पर DC का कड़ा एक्शन: निजी अस्पताल को अल्टीमेटम—'पैसे लौटाओ या FIR का सामना करो'

आयुष्मान योजना में धांधली पर DC का कड़ा एक्शन: निजी अस्पताल को अल्टीमेटम—'पैसे लौटाओ या FIR का सामना करो'

ब्रेन ट्यूमर के इलाज में लापरवाही और अवैध वसूली: डॉ. विरेंदर दहिया का सख्त रुख, अस्पताल संचालक को एक हफ्ते की मोहलत

सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत के तहत किसी भी प्रकार की धांधली या अनियमितता करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने जिला सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में एक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एक प्राइवेट हॉस्पिटल को कड़े निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि योजना के नाम पर मरीजों से अवैध वसूली या लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एक सप्ताह तक भर्ती रखने के बावजूद इलाज पूरा नहीं किया

यह मामला शिकायतकर्ता बलबीर सिंह से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया कि उनकी 68 वर्षीय पत्नी गुड्डी देवी, जो ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थीं, का इलाज एक स्थानीय निजी अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत शुरू किया गया। हालांकि, एक सप्ताह तक भर्ती रखने के बावजूद इलाज पूरा नहीं किया गया और अस्पताल की ओर से उनसे लगभग 1 लाख 23 हजार रुपये की राशि वसूल ली गई। शिकायतकर्ता ने इसे साफ तौर पर धांधली करार दिया। 

कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी

उपायुक्त डॉ. दहिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि या तो अस्पताल संचालक शिकायतकर्ता की पूरी राशि तत्काल वापस करें, अन्यथा उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को एक सप्ताह का समय दिया है, जिसके भीतर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। उपायुक्त डॉ दहिया ने सख्त शब्दों में कहा कि आयुष्मान भारत योजना सरकार की एक महत्वाकांक्षी और जनहितकारी योजना है, जिसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। यदि कोई संस्था या व्यक्ति इस योजना के नाम पर धोखाधड़ी करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

मानवीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत निंदनीय

उपायुक्त ने कहा कि यह योजना समाज के कमजोर वर्ग के लिए जीवन रेखा के समान है। ऐसे में इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत निंदनीय है। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के योजना का पूरा लाभ मिले। डॉ. दहिया ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी निजी एवं पंजीकृत अस्पतालों की नियमित निगरानी की जाए और आयुष्मान योजना के तहत होने वाले इलाज की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उपायुक्त ने कहा कि शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष व्यवस्था भी की जाएगी। इस दौरान सीएमओ विजय मलिक, डॉ. पारसी, डॉ. वर्मा सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की शिकायतें सामने आने पर और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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