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The Haryana Story | बेटियों के सम्मान से समझौता बर्दाश्त नहीं: विनेश के समर्थन में उतरीं कुमारी सैलजा, BJP सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

बेटियों के सम्मान से समझौता बर्दाश्त नहीं: विनेश के समर्थन में उतरीं कुमारी सैलजा, BJP सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

बोलीं - विवादास्पद स्थल पर दंगल क्यों?"जहाँ बेटियों का शोषण हुआ, वहीं प्रतियोगिता क्यों? देश की बेटियों के आत्मसम्मान पर चोट

सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने महिला पहलवानों की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अंतरराष्ट्रीय पहलवान और जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट द्वारा उठाए गए गंभीर सवालों का समर्थन करते हुए सैलजा ने खेल व्यवस्था और सरकार की संवेदनशीलता पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

विवादास्पद स्थल पर प्रतियोगिता का कड़ा विरोध

कुमारी सैलजा ने कहा कि जिस निजी संस्थान और स्थान पर महिला पहलवानों के शोषण जैसे संगीन आरोप लगे हों, उसी जगह पर खेल प्रतियोगिता का आयोजन करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि बेहद असंवेदनशील निर्णय भी है। उन्होंने इसे देश की बेटियों के आत्मसम्मान और उनकी सुरक्षा के साथ एक बड़ा समझौता करार दिया। सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "जब खिलाड़ी किसी स्थान पर मानसिक रूप से असुरक्षित महसूस करें, तो वहां उन्हें खेलने के लिए विवश करना व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता है। कुश्ती संघ (WFI) को ऐसे स्थान का चयन करना ही नहीं चाहिए था, जहाँ का माहौल खिलाड़ियों के लिए भयमुक्त न हो।"

"विनेश की आवाज, पूरे देश की बेटियों की आवाज"

कुमारी सैलजा ने विनेश फोगाट के साहस की सराहना करते हुए कहा कि विनेश द्वारा उठाई गई आवाज केवल उनकी निजी आवाज नहीं, बल्कि देश की हर उस महिला खिलाड़ी की पुकार है जो खेल के मैदान में सुरक्षित वातावरण चाहती है। उन्होंने कहा कि जब एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की पदक विजेता खिलाड़ी को अपनी सुरक्षा पर सवाल उठाने पड़ें, तो यह पूरी खेल प्रणाली के लिए शर्मनाक है।

बृजभूषण शरण सिंह मामले का जिक्र और निष्पक्ष जांच की मांग

साल 2023 के घटनाक्रम को याद दिलाते हुए सैलजा ने कहा कि विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक जैसे दिग्गज पहलवानों ने जंतर-मंतर पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी है। आरोपी बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े लोगों और संस्थानों के साये में प्रतियोगिता कराना उन खिलाड़ियों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।

सांसद कुमारी सैलजा की सरकार मांग

महिला खिलाड़ियों की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी और ठोस कदम उठाए जाएं।इस पूरे मामले की और आयोजन स्थल के चयन की निष्पक्ष जांच हो। कुश्ती संघ की कार्यप्रणाली में सुधार किया जाए ताकि खिलाड़ी मानसिक तनाव के बिना खेल सकें। सांसद ने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी बेटियों के सम्मान की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है और भाजपा सरकार को इस संवेदनहीनता का जवाब देना होगा।

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