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The Haryana Story | दिल्ली-करनाल हाई-स्पीड मेट्रो का काम शुरू,  शस्त्र पूजन-हवन के साथ समालखा में RRTS प्रोजेक्ट की दस्तक

दिल्ली-करनाल हाई-स्पीड मेट्रो का काम शुरू, शस्त्र पूजन-हवन के साथ समालखा में RRTS प्रोजेक्ट की दस्तक

मेट्रो प्रोजेक्ट के अधिकारियों और कर्मचारियों ने परियोजना की सफलता और निर्बाध कार्य के लिए बुधवार को जी.टी. रोड पर मेट्रो प्रोजेक्ट के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विशेष हवन-यज्ञ का आयोजन किया

आजादी के 77 वर्षों के सफर में देश ने तकनीक और बुनियादी ढांचे के मामले में अभूतपूर्व तरक्की की है। इसी विकास की कड़ी में अब समालखा का नाम भी एक बड़े स्वर्णिम अध्याय के साथ जुड़ने जा रहा है। क्षेत्र के लोगों का बरसों पुराना 'मेट्रो' में सफर करने का सपना अब हकीकत में बदलने वाला है। दिल्ली के सराय कालेखां से करनाल तक बनने वाले हाई-स्पीड मेट्रो कॉरिडोर (RRTS) के निर्माण कार्य का बुधवार को विधिवत शुभारंभ कर दिया गया।

धार्मिक अनुष्ठान और शस्त्र पूजा के साथ शुरुआत

मेट्रो प्रोजेक्ट के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बुधवार को परियोजना की सफलता और निर्बाध कार्य के लिए बुधवार को जी.टी. रोड पर मेट्रो प्रोजेक्ट के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विशेष हवन-यज्ञ का आयोजन किया। इस दौरान कार्य में प्रयुक्त होने वाले मशीनी औजारों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पंडितों द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच इस मेगा प्रोजेक्ट की नींव रखी गई।

136 किलोमीटर का सफर, 21 स्टेशन और 3800 पिलर

यह मेट्रो लाइन दिल्ली के सराय कालेखां से शुरू होकर करनाल तक जाएगी, जिसकी कुल लंबाई लगभग 136 किलोमीटर होगी। इस पूरे मार्ग पर कुल 21 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से एक महत्वपूर्ण स्टेशन समालखा में होगा। पूरी लाइन के निर्माण के लिए लगभग 3800 पिलर खड़े किए जाएंगे। पिलरों के बीच की दूरी भौगोलिक स्थिति के अनुसार 28 से 37 मीटर के बीच रखी जाएगी।

प्रोजेक्ट शुरू करने के 3 साल के अंदर–अंदर इस कार्य को पूरा करने का भी कार्य किया जाएगा, कुल मिलाकर उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली से लेकर करनाल तक करीब 21 मेट्रो स्टेशन होंगे, जिसमें दिल्ली सराय कालेखां, इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, झड़ौदव माजरा, भलस्वा डेरी, अलीपुर, नरेला, कुंडली, बहालगढ़, मुरथल, इंडस्ट्रियल एरिया बड़ी, गन्नौर, समालखा, सिवाह, पानीपत, सेक्टर 18 पानीपत, गांजबड़, घरौंडा, बाईपास करनाल, सेक्टर–7 करनाल और करनाल बस अड्डा मेट्रो स्टेशन शामिल रहेंगे।

पहले दुरुस्त होगी बुनियादी सुविधाएं

निर्माण कार्य शुरू करने से पहले अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पिलर के काम से पहले जमीन के नीचे मौजूद सुविधाओं को शिफ्ट किया जाएगा। इसमें सबसे पहले सीवरेज लाइन, पेयजल पाइपलाइन और अन्य बिजली की तारों को दुरुस्त करने का काम होगा, ताकि भविष्य में पिलर निर्माण के समय आम जनता को पानी या निकासी जैसी मूलभूत समस्याओं का सामना न करना पड़े।

समालखा के विकास को लगेंगे पंख

मेट्रो के आने से समालखा न केवल दिल्ली और करनाल के करीब आ जाएगा, बल्कि यहाँ व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी उत्साह है कि अब उन्हें घंटों के जाम और खस्ताहाल परिवहन से निजात मिलेगी और वे आधुनिक, आरामदायक सफर का आनंद ले सकेंगे।

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