हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। रोजगार की तलाश में आर्मेनिया गए 35 वर्षीय युवक प्रवीण की गैस पाइपलाइन में हुए धमाके के कारण मौत हो गई। जैसे ही प्रवीण की मौत की खबर उसके पैतृक गांव पहुंची, वहां मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बेहतर भविष्य के लिए लिया था कर्ज
प्रवीण के पिता वेद प्रकाश ने रुंधे गले से बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। बेटे के सुनहरे भविष्य और घर के हालात सुधारने की उम्मीद में उन्होंने भारी भरकम कर्ज लेकर प्रवीण को विदेश भेजा था। प्रवीण वहां दिन-रात मेहनत कर रहा था ताकि अपने परिवार का सहारा बन सके, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।
शव लाने के लिए 7 लाख का खर्च, परिवार बेबस
परिजनों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती प्रवीण के पार्थिव शरीर को भारत लाने की है। बताया जा रहा है कि शव को वतन लाने में करीब 6 से 7 लाख रुपये का खर्च आएगा। आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस गरीब परिवार के लिए इतनी बड़ी राशि जुटा पाना नामुमकिन है।
सरकार और प्रशासन से मदद की अपील
हादसे के बाद से गांव में शोक की लहर है। रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने परिवार को ढांढस बंधाया है, लेकिन बूढ़े माता-पिता की आंखें सरकार की ओर टिकी हैं। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन, हरियाणा सरकार और भारत सरकार से गुहार लगाई है कि उनके बेटे का शव सरकारी मदद से भारत लाया जाए ताकि वे अंतिम बार उसका चेहरा देख सकें और विधि-विधान से अंतिम संस्कार कर सकें।
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