हरियाणा में नगरपालिका कर्मचारी संघ और सरकार के बीच मांगों को लेकर सहमति न बन पाने के कारण सफाई कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल 14 मई 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। पिछले 11-12 दिनों से जारी इस काम रोको आंदोलन की वजह से प्रदेश के शहरी निकायों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है और सड़कों पर हजारों टन कूड़ा जमा हो चुका है। वहीं प्रदेश भर में चल रही सफाई कर्मचारियों हड़ताल मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्थिति को दयनीय बताते हुए सरकार को इस संकट का जिम्मेदार ठहराया है।
वार्ता विफल, हड़ताल बढ़ाई
सफाई कर्मचारी संघ की राज्य कार्यकारिणी ने सोमवार को रोहतक में हुई बैठक के बाद हड़ताल को तीन दिन और आगे बढ़ाने का ऐलान किया। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है और बार-बार वार्ता से पीछे हट रही है। वहीं करनाल और दादरी जैसे शहरों में कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप जिला सचिवालय और मुख्य मार्गों पर कूड़ा फैलाकर अपना रोष जताया है। पानीपत में भाजपा विधायक प्रमोद विज के कार्यालय के बाहर कचरे की ट्रॉली उतार कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया गया।
कचरे के अंबार से जूझते शहर
सफाई न होने से प्रदेश के प्रमुख शहरों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। अकेले गुरुग्राम में अनुमानित 3,500 मीट्रिक टन से अधिक कचरा सड़कों और चौराहों पर जमा है। वहीं कचरे के सड़ने और हालिया बारिश के कारण डेंगू और मलेरिया जैसी महामारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। करनाल में कोर्ट जाने वाले मुख्य मार्गों पर कूड़े की वजह से आवाजाही प्रभावित हुई है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी 22-सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं किया जाता, वे काम पर नहीं लौटेंगे
कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना: वर्षों से काम कर रहे अनुबंध कर्मचारियों का नियमितीकरण।
ठेका प्रथा की समाप्ति: आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा को खत्म कर कर्मचारियों को निकाय रोल पर लेना।
समान काम-समान वेतन: न्यूनतम वेतन ₹30,000 लागू करना।
अन्य मांगें: पुरानी पेंशन योजना की बहाली और फायर सेवा के मृतकों के परिवारों को नौकरी देना।
प्रशासन की वैकल्पिक तैयारी
संकट को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं शुरू की हैं। गुरुग्राम और अन्य शहरों में निजी एजेंसियों के जरिए डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का प्रयास किया जा रहा है। हिसार जैसे शहरों में कर्मचारी संघ ने रात में कूड़ा उठाने की कोशिशों को रोकने के लिए 'निगरानी टीमें' तैनात की हैं।
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