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The Haryana Story | Instagram पर दोस्ती, WhatsApp पर Deal और फिर 14 लाख की ठगी, पानीपत की डॉक्टर को चूना लगाने वाला जालसाज अरेस्ट

Instagram पर दोस्ती, WhatsApp पर Deal और फिर 14 लाख की ठगी, पानीपत की डॉक्टर को चूना लगाने वाला जालसाज अरेस्ट

एमडी में एडमिशन दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले शातिर ठग को उत्तर प्रदेश से किया गिरफ्तार

पानीपत साइबर थाना पुलिस ने एमडी में एडमिशन दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले शातिर ठग को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया। आरोपी ने पानीपत निवासी युवती (एमबीबीएस) को एमडी में एडमिशन दिलाने के नाम पर ठगी की थी। आरोपी की पहचान यूपी के मुजफ्फरनगर के कुटेसरा निवासी शाहदुजमान के रूप में हुई है। डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स ने बताया कि थाना साइबर क्राइम में थाना चांदनी बाग क्षेत्र निवासी डॉक्टर हरसिमरन कौर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह वर्तमान में यू.सी.एम.सी दिल्ली में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही है। उसने वर्ष 2022 में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की थी। इसके बाद उसे पोस्ट ग्रेजुएशन करनी थी। सोशल मीडिया प्टेलफार्म इंस्टाग्राम पर उसकी डॉक्टर निखिल नाम से एक व्यक्ति जिसकी आईडी Drnikhil90 से मुलाकात हुई थी। जिससे उसकी पहले इंस्टाग्राम पर और बाद में वॉटसअप पर चेट होती रही।

लखनऊ गई तो पता चला यूनिवर्सिटी में उसका दाखिला नहीं हुआ

डॉक्टर निखिल ने उसको पोस्ट ग्रेजुएशन में एडमिशन दिलाने का आश्वासन देकर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ में एमडी ड्रामालोजिस्ट में दाखिला कराने की बात कही। उसने डॉक्टर निखिल की बातों पर विश्वास कर लिया और यूपीआई से 14 लाख रुपए उसके बैंक खातों में डलवा दिए। एडमिशन नहीं होने पर उसने घर वालों को यह बात बताई। परिजनों को साथ लेकर केजेएम यूनिवर्सिटी लखनऊ गई तो पता चला यूनिवर्सिटी में उसका दाखिला नहीं हुआ है। कॉल करने पर डॉक्टर निखिल नंबर बंद मिला तो उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चला। उससे एमडी (स्नातकोर पाठयक्रम) में एडमिशन दिलाने के नाम पर 14 लाख रूपए की ठगी कर ली। थाना साइबर क्राइम में डॉक्टर हरसिमरन कोर की शिकायत पर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच व और आरोपी धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए थे।

आरोपी को यूपी के मुजफ्फरनगर के कुटेसरा गांव से गिरफ्तार किया

एसपी भूपेंद्र सिंह आईपीएस के संज्ञान में मामला आते ही उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना साइबर क्राइम प्रभारी सब इंस्पेक्टर दीपक व उनकी टीम को आरोपी का पता लगा जल्द से जल्द काबू करने की जिम्मेदारी सौपी। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी जुटाकर वारदात का पर्दाफाश करते हुए गत बुधवार को आरोपी को यूपी के मुजफ्फरनगर के कुटेसरा गांव से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान शाहदुजमान पुत्र मोहम्मद अख्तर निवासी कुटेसरा मुजफ्फरनगर के रूप में बताई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने ठगी की उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। 

आरोपी से चौकाने वाले खुलासे हुए

उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालस सतीश वत्स ने बताया कि रिमांड के दौरान पुछताछ में आरोपी से चौकाने वाले खुलासे हुए। आरोपी ने पूछताछ बताया वह विभिन्न राज्यों में अब तक 15 से ज्यादा लड़कियों से एडमिशन दिलाने के नाम पर ठगी की वारदात को अंजाम दे चुका है। पूछताछ में आरोपी ने बताया वह दिल्ली के होज खास थाना में दर्ज ठगी के एक मामले में वर्ष 2020 में पकड़ा गया था। मामले में वह जेल से जमानत पर आया हुआ है। 

आरोपी ने पुलिस को बताया उसने 12वीं तक की हुई है पढ़ाई

उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालस सतीश वत्स ने बताया पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया उसने 12वीं तक पढ़ाई की हुई है। उसने मेडिकल लाइन की लड़कियों से ठगी करने के लिए चंडीगढ़ पीजीआई के एक डॉटर निखिल के नाम से इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाई। किसी को उस पर शक ना हो इसके लिए उसने आईडी पर चंडीगढ़ पीजीआई कैंपस की फोटो अपलोड की। इसके बाद आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मेडिकल प्रोफेशनल्स में जुड़ी ऐसी लड़कियों को टारगेट किया जो एमबीबीएस कर रही है या कर चुकी है। आरोपी उनका रिक्वेस्ट भेजकर बातचित करता और झांसे में लेकर एमडी में दाखिला कराने के नाम पर उनसे ठगी करता। जिस भी लड़की को ठगी का पता चलता आरोपी उसके नंबर को ब्लाक कर देता। 

एक मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड व खातों में 6 लाख रुपए फ्रीज़ करवा दिए

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया उसने पानीपत निवासी डॉक्टर हरसिमरन कोर से इसी प्रकार सोशल मीडिया पर बातचीत कर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ में एमडी में एडमिशन कराने की बात कहकर झांसे में लिया। विश्वास दिलाने के लिए उसने रेडिफ पर मेल आईडी बनाकर सिमरन को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ में एडमिशन के नाम की फेक ई मेल की थी। एडमिशन के नाम पर उसने हरसिमरन कौर से विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन 14 लाख रुपए ट्रांसफर करवा कर ठगी की। उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सतीश वत्स ने बताया कि रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी से गहनता से पूछताछ करने के साथ ही उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड व खातों में 6 लाख रुपए फ्रीज़ करवा दिए। पुलिस ने रविवार को आरोपी शाहदुजमान को तीन की रिमांड अवधि पूरी होने पर माननीय न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया।

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