हरियाणा के हिसार जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर जनता की जान से गंभीर खिलवाड़ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। CM Flying Squad की हिसार टीम ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर एक गुप्त सूचना के आधार पर अवैध रूप से चल रहे एक निजी डेंटल अस्पताल पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान टीम को जो हकीकत मिली, उसने सभी को हैरान कर दिया। अस्पताल में कोई डिग्री धारक डॉक्टर नहीं, बल्कि महज 9वीं पास एक युवक मरीजों के दांतों का ऑपरेशन और इलाज कर रहा था।
बिना पंजीकरण और बिना डॉक्टर के चल रहा था "गेरा डेंटल" क्लिनिक गुप्त सूचना पर रेड
सीएम फ्लाइंग को गुप्त सूचना मिली थी कि हिसार में “गेरा डेंटल” नामक एक क्लिनिक अवैध रूप से संचालित हो रहा है। संयुक्त टीम ने जब मौके पर पहुंचकर क्लिनिक के कागजात खंगाले, तो वहां कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिला। यह क्लिनिक किसी भी सरकारी अधिनियम या स्वास्थ्य विभाग के नियमों के तहत पंजीकृत नहीं था। मौके पर न तो कोई वैध ओपीडी (OPD) रजिस्टर मिला और न ही किसी मान्यता प्राप्त डॉक्टर की मौजूदगी का कोई रिकॉर्ड दर्ज था।
9वीं पास युवक के हाथ में थी मरीजों की जान
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा क्लिनिक संचालक की योग्यता को लेकर हुआ। प्रदीप कुमार नामक युवक, जो केवल 9वीं कक्षा तक पढ़ा हुआ बताया गया, डेंटल चेयर पर बैठकर मरीजों की जांच कर रहा था, दवाइयां दे रहा था और उनसे पैसे भी वसूल रहा था। टीम ने मौके पर मौजूद मरीजों से पूछताछ की तो उन्होंने भी इसकी पुष्टि की। क्लिनिक संचालक महेंद्र बजाज ने टीम को बताया कि क्लिनिक डॉ. तरुण गेरा द्वारा संचालित किया जाता है, लेकिन मौके पर डॉ. तरुण गेरा के नाम से संबंधित कोई दस्तावेज, बिल बुक या ओपीडी स्लिप नहीं मिली। इससे टीम को संदेह हुआ कि अस्पताल अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। बिना किसी चिकित्सीय ज्ञान और योग्यता के, यह युवक अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग कर लोगों के दांतों की गंभीर बीमारियों का इलाज कर रहा था, जिससे मरीजों की जान को सीधा खतरा बना हुआ था।
सीएम फ्लाइंग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
इस पूरी छापामार कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। कार्रवाई का नेतृत्व सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज की इंचार्ज सुनैना ने किया। टीम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंटल सर्जन डॉ. पुलकित मुख्य रूप से शामिल रहे, जिन्होंने क्लिनिक के उपकरणों और अवैध मेडिकल प्रैक्टिस की पुष्टि की। सुरक्षा और कानूनी कागजी कार्रवाई के लिए एएसआई सुरेंद्र तथा हेड कांस्टेबल जितेंद्र भी इस संयुक्त टीम का हिस्सा रहे।
दवाइयां और उपकरण जब्त,शिकायत दर्ज
टीम ने मौके से भारी मात्रा में अवैध रूप से रखी गई दवाइयां, डेंटल इंप्लांट्स और इलाज में इस्तेमाल होने वाले चिकित्सा उपकरण जब्त किए हैं। क्लिनिक में कई ऐसी अनियमितताएं पाई गईं जो मरीजों में संक्रमण और अन्य जानलेवा बीमारियों को दावत दे रही थीं। सीएम फ्लाइंग ने इस पूरी जांच के बाद मामले की लिखित शिकायत स्थानीय पुलिस को सौंप दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी और बिना लाइसेंस के डॉक्टरी अभ्यास करने की गंभीर धाराओं के तहत आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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