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The Haryana Story | सीएम सैनी ने लगाया 'वीआईपी कल्चर' पर ब्रेक, मंत्रियों और अफसरों के काफिले में अब चलेंगी सिर्फ जरूरी गाड़ियां

सीएम सैनी ने लगाया 'वीआईपी कल्चर' पर ब्रेक, मंत्रियों और अफसरों के काफिले में अब चलेंगी सिर्फ जरूरी गाड़ियां

बेवजह के दौरों पर पाबंदी, अधिकारियों को सिर्फ वर्चुअल मीटिंग्स के निर्देश, प्रशासनिक अमले को सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल का सख्त हुक्म

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रहित में ईंधन की बचत और सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर एक बेहद सराहनीय और ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरणा लेते हुए मुख्यमंत्री ने अपने स्वयं के कारकेड यानी काफिले में कटौती करने के साथ-साथ पूरे प्रदेश के प्रशासनिक अमले के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

ईंधन बचत और राष्ट्रहित में हरियाणा सरकार की अनूठी पहल

पीएम मोदी के आह्वान पर सीएम नायब सिंह सैनी ने यह बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के तहत सरकारी काफिलों में भारी कटौती होगी और मुख्यमंत्री सप्ताह में एक दिन बिना गाड़ी के काम करेंगे। सीएम सैनी ने मंत्रियों, विधायकों और अफसरों को सिर्फ आवश्यक वाहन इस्तेमाल करने और वर्चुअली बैठकें करने के सख्त निर्देश दिए। 

खुद से की शुरुआत :मुख्यमंत्री के काफिले में चलेंगे न्यूनतम वाहन

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मुहिम की शुरुआत खुद के जीवन और फ्लीट (काफिले) से की है। उन्होंने निर्णय लिया है कि उनके कारकेड में सुरक्षा के लिहाज से केवल वही वाहन शामिल होंगे जो बेहद अनिवार्य हैं। गैर-जरूरी गाड़ियों की फौज अब मुख्यमंत्री के साथ नजर नहीं आएगी, जिससे न सिर्फ ईंधन की बचत होगी बल्कि जनता को लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी मुक्ति मिलेगी। 

सप्ताह में एक दिन बिना वाहन के काम करने का संकल्प

पर्यावरण और संसाधनों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा संकल्प लिया है। उन्होंने घोषणा की कि वे सप्ताह में एक दिन किसी भी सरकारी या निजी वाहन का उपयोग नहीं करेंगे। इस दिन वे बिना गाड़ी के अपने कार्यों का संपादन करेंगे, जो राज्य के अन्य जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के लिए एक बड़ा उदाहरण बनेगा।

मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के लिए कड़े निर्देश

मुख्यमंत्री ने केवल अपने लिए ही नहीं, बल्कि पूरी सरकार के लिए नियम तय कर दिए हैं। उन्होंने आदेश जारी किए हैं कि सभी मंत्रीगण, विधायक और विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी यात्रा के दौरान कम से कम और केवल आवश्यक वाहनों का ही उपयोग सुनिश्चित करेंगे। अधिकारियों और मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फिजिकल मीटिंग्स (आमने-सामने की बैठकें) की जगह अधिकतम बैठकें वर्चुअल मोड (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिए आयोजित करें। इससे अफसरों के बार-बार चंडीगढ़ या अन्य जिलों में आने-जाने का सफर बचेगा, जिससे करोड़ों रुपये का सरकारी तेल और समय दोनों बचेंगे।

प्रदेश की जनता से मुख्यमंत्री की भावुक अपील

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अभियान को एक जन-आंदोलन बनाने के लिए हरियाणा के नागरिकों से भी सहयोग मांगा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से निवेदन किया है कि दैनिक जीवन में अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) जैसे बस और मेट्रो का उपयोग करें। निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करके ईंधन बचत के इस राष्ट्रव्यापी अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

इस फैसले का दूरगामी असर

हरियाणा सरकार के इस कदम से न केवल सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ कम होगा, बल्कि कार्बन फुटप्रिंट में कमी आएगी जो पर्यावरण सुधार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री का यह सादगी भरा और अनुशासित कदम प्रशासनिक हलकों में फिजूलखर्ची रोकने के लिए एक कड़ा संदेश है।

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