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The Haryana Story | 'गरीबों के खिलाफ अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा', बवानी खेड़ा धरना स्थल पर हुड्डा की हुंकार: जब तक 'मकान' नहीं मिलेंगे, तब तक जारी रहेगा संघर्ष

'गरीबों के खिलाफ अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा', बवानी खेड़ा धरना स्थल पर हुड्डा की हुंकार: जब तक 'मकान' नहीं मिलेंगे, तब तक जारी रहेगा संघर्ष

बवानी खेड़ा में अतिक्रमण हटाओ अभियान पर गरमाई राजनीति: दीपेंद्र हुड्डा ने कानून की समानता पर उठाए सवाल

बवानी खेड़ा के खेड़ी रोड पर नगरपालिका द्वारा 5 मई को चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान का विरोध अब बेहद उग्र और राजनीतिक रूप ले चुका है। इस अभियान के खिलाफ चल रहे बेमियादी धरने को रविवार को उस समय भारी मजबूती मिली, जब रोहतक लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा खुद धरना स्थल पर पहुंचे। सांसद ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और साफ शब्दों में सरकार को चेतावनी दी कि गरीबों के आशियाने उजाड़ने वालों के खिलाफ कांग्रेस सड़क से संसद तक लड़ेगी।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं का मिला भारी समर्थन

सांसद दीपेंद्र हुड्डा के धरना स्थल पर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं में भारी जोश देखा गया। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे, जिनमें प्रदीप नरवाल (बवानी खेड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी व एआईसीसी राष्ट्रीय सचिव), विकास साहरन (विधायक), जस्सी पेटवाड़ (विधायक), अनिरुद्ध चौधरी (कांग्रेस शहरी जिलाध्यक्ष), प्रदीप गुलिया (ग्रामीण जिलाध्यक्ष),इनके अलावा सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण भी अपनी एकजुटता दिखाने पहुंचे।

अन्याय के खिलाफ सख्त रुख,आर-पार की लड़ाई का ऐलान

दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के गरीबों के घरों को तोड़ना पूरी तरह से अमानवीय है। कांग्रेस पार्टी गरीबों के साथ ऐसा अन्याय कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब तक बेघर हुए हर एक प्रभावित परिवार को सरकार की तरफ से पक्का मकान बनाकर नहीं दे दिया जाता, तब तक कांग्रेस का यह संघर्ष और धरना समाप्त नहीं होगा। सांसद ने सभी प्रभावित महिलाओं और बुजुर्गों से बात कर उनका दुख-दर्द सुना और उन्हें कानूनी व सामाजिक रूप से हर प्रकार की मदद देने का वादा किया।

क्या है पूरा मामला?

बीती 5 मई को बवानी खेड़ा नगरपालिका प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ खेड़ी रोड पर एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। इस कार्रवाई के तहत कई गरीब परिवारों के आशियाने ढहा दिए गए थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें संभलने का मौका भी नहीं दिया। बेघर हुए लोग तभी से खेड़ी रोड पर धरना देकर बैठे हैं और अपने लिए दोबारा मकान बनाने या मुआवजे की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस के इस बड़े कदम के बाद अब इस मामले पर प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज होने की उम्मीद है।

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