नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की चंडीगढ़ जोनल यूनिट और चंडीगढ़ पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में ट्राइसिटी (चंडीगढ़, मोहाली, पंचकुला) क्षेत्र में सक्रिय पाकिस्तान समर्थित ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। सुरक्षा एजेंसियों ने खन्ना-खरड़ मॉड्यूल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वकील और उसके साथ रहने वाली महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस रेड के दौरान 793 ग्राम मेथामफेटामाइन (आइस), 10 ग्राम हेरोइन और 250 ग्राम पोस्त भूसी बरामद की गई है। यह कार्रवाई 12 जून 2026 को पंजाब के खरड़ में स्थित एक फ्लैट में की गई।
गाड़ी की तलाशी से हुआ बड़े सिंडिकेट का खुलासा
सुरक्षा एजेंसियों को ट्राइसिटी में सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई को लेकर गुप्त सूचना मिली थी। इस इनपुट के आधार पर संयुक्त टीम ने कार्रवाई शुरू की, टीम ने सबसे पहले संदिग्ध परिस्थितियों में एक वकील द्वारा इस्तेमाल की जा रही कार को रोककर उसकी तलाशी ली। कार की चेकिंग के दौरान अधिकारियों को 93 ग्राम मेथामफेटामाइन (आइस) और 10 ग्राम हेरोइन मिली। कार चालक वकील से पूछताछ के बाद पुलिस और NCB की टीम ने पंजाब के खरड़ स्थित एक फ्लैट पर रेड की। वहां से 700 ग्राम अतिरिक्त आइस ड्रग और 250 ग्राम पोस्त भूसी बरामद की गई।
कमर्शियल क्वांटिटी से 16 गुना अधिक नशा जब्त
एनसीबी के अधिकारियों के मुताबिक, पकड़ी गई मेथामफेटामाइन (आइस) की कुल मात्रा 793 ग्राम है। यह मात्रा एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत अधिसूचित 'कमर्शियल क्वांटिटी' से करीब 16 गुना ज्यादा है। इतनी बड़ी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स का मिलना यह दर्शाता है कि ट्राइसिटी में कॉलेज के युवाओं और स्थानीय पैडलर्स को निशाना बनाने के लिए बहुत बड़े पैमाने पर ड्रग रैकेट चलाया जा रहा था।
पाकिस्तान कनेक्शन और 'डी खान' का एंगल
शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के तार सीमा पार पाकिस्तान से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। इस परिष्कृत ड्रग नेटवर्क को पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ऑपरेट कर रहे थे। जांच में पाकिस्तान आधारित एक मुख्य हैंडलर 'डी खान' का नाम सामने आया है। सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां अब इस 'डी खान' की असल पहचान स्थापित करने और भारत में मौजूद उसके बाकी संपर्कों को खंगालने में जुट गई हैं।
आरोपियों का विवरण और पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को सलाखों के पीछे भेजा है। मुख्य आरोपी वकील जो कानून की आड़ में इस अवैध सप्लाई चेन को संभाल रहा था। जांच में पता चला है कि इस आरोपी के खिलाफ पहले भी चंडीगढ़ के सेक्टर-36 थाने में 25 दिसंबर 2023 को एनडीपीएस एक्ट (FIR No. 476) के तहत मामला दर्ज हो चुका है। वकील के साथ फ्लैट में रहने वाली महिला को भी गिरफ्तार किया गया है। उस पर ड्रग्स की तस्करी और इस अपराध को अंजाम देने में सक्रिय रूप से सहायता व सहयोग करने का आरोप है।
जनता से सहयोग की अपील
इस बड़ी कार्रवाई के बाद एनसीबी और चंडीगढ़ पुलिस पूरे सप्लाई चेन और फाइनेंशियल ट्रेल की गहराई से जांच कर रही है ताकि ड्रग मनी के रूट का पता लगाया जा सके। एनसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि वे नशामुक्त भारत के अभियान में मदद के लिए मानसनेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 पर नशा तस्करी से जुड़ी सूचनाएं साझा करें, जिसमें सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि पाकिस्तान से पंजाब और ट्राइसिटी तक यह 'आइस' ड्रग ड्रोन के जरिए आई थी या किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय रूट से।वकील के मोबाइल और गैजेट्स को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि सिंडिकेट के अन्य खरीददारों और मददगारों के नाम सामने आ सकें।
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