हरियाणा के हांसी उपमंडल के चानौत गांव में पिछले 62 दिनों से पानी के संकट को लेकर चल रहा ऐतिहासिक आंदोलन आखिरकार ग्रामीणों की जीत के साथ समाप्त हो गया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद इस जल विवाद का सकारात्मक समाधान निकाला गया। केंद्रीय मंत्री द्वारा चानौत गांव को 4 इंच का वैकल्पिक 'टी' कनेक्शन देने की मंजूरी के बाद, शुक्रवार को 'टी' (T) गांव में पहुंच गई और इसे मुख्य पाइपलाइन से जोड़ने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिए 'टी' कनेक्शन लगाने के निर्देश
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट किया कि "चानौत गांव मुख्य पेयजल पाइपलाइन के बीच में आता है और यहां के लोग लंबे समय से पेयजल किल्लत का सामना कर रहे थे। सरकार ने ग्रामीणों की मांग को पूरी गंभीरता से लिया और तकनीकी विशेषज्ञों से रिपोर्ट मांगी। जांच में पुष्टि हुई है कि मुख्य पाइपलाइन में पर्याप्त क्षमता है और चानौत को अतिरिक्त कनेक्शन देने से किसी अन्य क्षेत्र की जलापूर्ति पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा।" आगामी योजनाओं पर खट्टर ने कहा "हमने दो दिनों के भीतर 4 इंच का 'टी' कनेक्शन लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि मांग बढ़ने पर गांव के जल टैंकों को तुरंत भरा जा सके। इसके साथ ही, नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का काम पूरा होते ही अमृत-2 योजना के तहत चानौत के लिए लगभग 1 वर्ष के भीतर एक बिल्कुल अलग और स्थायी पेयजल पाइपलाइन भी बिछाई जाएगी।"
गांव में जश्न का माहौल: जेसीबी से पहुंची 'टी', महिलाओं ने किया डांस
जैसे ही प्रशासन की टीम 4 इंच की 'टी' लेकर चानौत पहुंची, पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। महीनों से धरने पर बैठी महिलाओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचकर और एक-दूसरे को बधाई देकर जीत का जश्न मनाया। ग्रामीण बड़ी उत्सुकता के साथ जेसीबी मशीन से 'टी' को धरना स्थल और फिर कनेक्शन वाली जगह पर लेकर आए। 62 दिनों के लंबे और कड़े संघर्ष की सफलता पर ग्रामीणों ने पूरे गांव और आंदोलन स्थल पर लड्डू बांटे।
क्या था पूरा विवाद और क्यों बनी सहमति?
चानौत के ग्रामीण भाखड़ा नहर से हांसी शहर के लिए बिछाई जा रही स्पेशल मुख्य पाइपलाइन से अपने गांव के लिए जल कनेक्शन की मांग कर रहे थे। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच कई दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी, जिसके बाद पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी। मामला तब बेहद संवेदनशील हो गया जब ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं हुआ, तो वे 17 जुलाई को जींद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित रैली में पहुंचकर सीधे अपनी मांग उठाएंगे। इस राजनीतिक दबाव और ग्रामीणों के अटूट हौसले को देखते हुए सरकार तुरंत हरकत में आई और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा तथा हांसी विधायक विनोद भयाना की मौजूदगी में चानौत संघर्ष समिति के साथ यह ऐतिहासिक समझौता फाइनल हुआ।
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