हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में जिला प्रशासन ने मानसून सीजन के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रमुख साहसिक गतिविधियों यानी Adventure Sports पर 15 जुलाई से 15 सितंबर 2026 तक दो महीने का अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। कुल्लू जिला प्रशासन ने भारी बारिश और नदियों के उग्र रूप को देखते हुए साहसिक पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगा दी है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी रोहित शर्मा के अनुसार, यह प्रतिबंध 'हिमाचल प्रदेश रिवर राफ्टिंग रूल्स, 2006' और एयरो स्पोर्ट्स नियमों के तहत हर साल लगाया जाता है।
इन प्रमुख गतिविधियों पर रहेगी पूरी रोक
रिवर राफ्टिंग : ब्यास नदी की तेज लहरों में राफ्टिंग करने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
पैराग्लाइडिंग : आसमान में ऊंची उड़ान भरने वाले एयरो स्पोर्ट्स पूरी तरह बंद रहेंगे।
रिवर क्रॉसिंग : नदियों को पार करने वाली सभी गतिविधियों को रोक दिया गया है।
बंजी जंपिंग : अन्य साहसिक खेलों समेत इस पर भी पाबंदी लागू होगी।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, लाइसेंस रद्द
आदेश का उल्लंघन करने वाले ऑपरेटरों का लाइसेंस तुरंत निरस्त किया जाएगा। नियमों की अवहेलना करने पर प्रशासन उपकरणों को अपने कब्जे में ले लेगा। पर्यटकों की जान जोखिम में डालने वाले संचालकों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
पर्यटन कारोबार पर पड़ा असर पर्यटकों की कमी
मानसून की दस्तक के साथ ही कुल्लू-मनाली में सैलानियों की आमद काफी घट गई है। एडवेंचर गतिविधियों से जुड़े सैकड़ों स्थानीय गाइड और होटल व्यवसायियों का काम धीमा पड़ा है। नुकसान के बावजूद अधिकारियों ने कहा है कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों की जान बचाना उनकी पहली प्राथमिकता है।
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