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The Haryana Story | झज्जर में बड़ा हादसा: बछड़े को बचाने कुएं में उतरे चार लोगों की जहरीली गैस से दम घुटने से मौत, गांव में पसरा मातम

झज्जर में बड़ा हादसा: बछड़े को बचाने कुएं में उतरे चार लोगों की जहरीली गैस से दम घुटने से मौत, गांव में पसरा मातम

3 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन; अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

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हरियाणा के झज्जर जिले के मुनीमपुर गांव में एक गहरे कुएं में गिरे बछड़े को बचाने के प्रयास में चार लोगों की जहरीली गैस की चपेट में आने से दम घुटने से मौत हो गई है।यह दर्दनाक घटना झज्जर के मुनीमपुर गांव में रविवार शाम को घटित हुई। गांव के एक करीब 50 साल पुराने बंद पड़े कुएं में अचानक गाय का एक बछड़ा गिर गया था। उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए गांव के लोग एक-एक कर कुएं में उतरे, लेकिन अंदर मौजूद भारी जहरीली गैस के कारण सभी बेहोश हो गए और अंदर ही फंस गए। हादसे में जान गंवाने वाले चारों व्यक्तियों की पहचान मुनीमपुर निवासी दलबीर (41), नरेंद्र (41), मोनू (37), रामे (प्रवासी मजदूर) मूल निवासी उत्तर प्रदेश के कंबोज नगर के रूप में हुई।

3 घंटे की कड़ी मशक्कत, फिर भी नहीं बच पाई जान

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन, दमकल विभाग और अन्य प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। टीमों ने कुएं में डूबे और फंसे युवकों को निकालने के लिए लगभग 3 घंटे तक सघन बचाव अभियान चलाया।एक पुलिसकर्मी भी हुआ अस्वस्थ: बचाव कार्य के दौरान लोगों को बचाने के लिए कुएं में उतरे सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार की भी तबीयत जहरीली गैस के कारण बिगड़ गई, जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुएं से बाहर निकालने के बाद चारों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस कमिश्नर और विधायक ने जताया गहरा दुख

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य का जायजा लिया। उन्होंने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, "यह बेहद दुखद घटना है। प्रशासनिक टीमों के गहन और निरंतर प्रयासों के बावजूद हम चारों लोगों की जान बचाने में विफल रहे।"वहीं, बादली क्षेत्र के विधायक कुलदीप वत्स भी अपनी टीम के साथ तुरंत हादसा स्थल और झज्जर नागरिक अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और इस संकट की घड़ी में हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। इस सामूहिक क्षति से पूरे मुनीमपुर गांव में शोक की लहर है।

ग्रामीणों का आरोप

वहीं घटना को लेकर नागरिक अस्पताल में तनातनी का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन को खूब खरी खोटी सुनाई। ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते प्रशासन की मदद नहीं मिली। इसके साथ हो ग्रामीणों का ये भी आरोप है कि ईआरवी क़ो पहुंचने में करीब 40 मिनट लगे। 

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