loader
The Haryana Story | क्यों जारी हुआ 'मिडिल ईस्ट छोड़ो' का आदेश? अमेरिका का अपने नागरिकों को हाई-अलर्ट, ईरान पर महा-हमले की तैयारी में ट्रंप?

क्यों जारी हुआ 'मिडिल ईस्ट छोड़ो' का आदेश? अमेरिका का अपने नागरिकों को हाई-अलर्ट, ईरान पर महा-हमले की तैयारी में ट्रंप?

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल गहरे मंडराने के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए महा-अलर्ट जारी किया

AI-Generated Images

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल गहरे मंडराने के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए महा-अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी विदेश विभाग और मध्य पूर्व के कई प्रमुख देशों जैसे जॉर्डन, इज़राइल, इराक और यूएई में स्थित अमेरिकी दूतावासों ने एक सुरक्षा चेतावनी जारी कर नागरिकों से तुरंत क्षेत्र छोड़ने पर विचार करने या आपातकालीन निकास के लिए तैयार रहने को कहा है। यह एडवाइजरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस हालिया कड़ी चेतावनी के बाद आई है, जिसमें उन्होंने ईरान पर 'बेहद जोरदार हमला' करने का संकेत दिया है।

अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए महा-अलर्ट जारी किया

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल गहरे मंडराने के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए महा-अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी विदेश विभाग और मध्य पूर्व के कई प्रमुख देशों जैसे जॉर्डन, इज़राइल, इराक और यूएई में स्थित अमेरिकी दूतावासों ने एक सुरक्षा चेतावनी जारी कर नागरिकों से तुरंत क्षेत्र छोड़ने पर विचार करने या आपातकालीन निकास के लिए तैयार रहने को कहा है। यह एडवाइजरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस हालिया कड़ी चेतावनी के बाद आई है, जिसमें उन्होंने ईरान पर 'बेहद जोरदार हमला' करने का संकेत दिया है।

सुरक्षा एडवाइजरी : अमेरिकी नागरिकों को तुरंत कमर्शियल उड़ानों से निकलने या तैयार रहने का आदेश।

हमले की आशंका : अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के ऊर्जा और सैन्य ठिकानों पर विनाशकारी बमबारी की योजना।

इन देशों में अलर्ट : इज़राइल, जॉर्डन, इराक, लेबनान, कुवैत, बहरीन, यूएई, कतर, ओमान और सऊदी अरब।

ताजा तनाव : ईरान द्वारा कुवैत पर ड्रोन हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद हालात बिगड़े।

टकराव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया

अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकियों को वहाँ से निकलने पर विचार करना चाहिए, या तनाव बढ़ने की स्थिति में निकलने के लिए तैयार रहना चाहिए। अमेरिकी प्रशासन को आशंका है कि आगामी कुछ घंटों में स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है, जिससे कई देशों का एयरस्पेस बंद हो सकता है और उड़ानें पूरी तरह रद्द हो सकती हैं।

ईरान में कुछ बड़ा होने वाला है: ट्रंप का कड़ा रुख

कैंप डेविड में कैबिनेट की बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया कि अमेरिका अब पीछे नहीं हटने वाला। ट्रंप ने कहा हम सिर्फ जीतना चाहते हैं... हम उन पर यानी ईरानियों पर बहुत कड़ा प्रहार करेंगे। एक बिंदु पर वे कहेंगे, 'हम इसे अब और नहीं झेल सकते। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के हवाले से खबर है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के परमाणु और ऊर्जा बुनियादी ढाँचों पर अब तक का सबसे बड़ा और क्रूर हवाई हमला करने की योजना बना चुके हैं।

ईरान की जवाबी धमकी: पूरे क्षेत्र पर खतरा

अमेरिकी और इज़राइली हमलों के जवाब में ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (आईआरजीसी) और उसके सहयोगी गुटों ने भी खुली चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि यदि अमेरिका ने सीधे तौर पर तेहरान पर हमला किया, तो मध्य पूर्व में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने, दूतावास और वाशिंगटन का साथ देने वाले देशों जैसे सऊदी अरब और यूएई के तेल ठिकाने मिसाइलों और ड्रोनों के निशाने पर होंगे। ईरान ने हाल ही में कुवैत के नागरिक ठिकानों पर ड्रोन दागे हैं और लाल सागर व होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया है।

उड़ानों और एयरस्पेस पर संकट

अमेरिकी विदेश विभाग ने चेतावनी दी है कि ईरान की अप्रत्याशित सैन्य गतिविधियों के कारण युद्ध का दायरा अब मिस्र जैसे नए क्षेत्रों तक भी फैल सकता है। अबू धाबी और दुबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों से गैर-जरूरी कर्मचारियों को पहले ही हटा लिया गया है। इसके अलावा, नागरिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम में अपना पंजीकरण कराएं।

इज़राइल में मौजूद नागरिक तुरंत अपने नजदीकी बम शेल्टर की पहचान कर लें। जॉर्डन में रह रहे लोग अमेरिकी सैन्य बेसों के आसपास जाने से बचें, क्योंकि उन पर ईरानी मिसाइल हमलों का खतरा है। वैश्विक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह हमला शुरू होता है, तो दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और मिडिल ईस्ट एक भीषण क्षेत्रीय युद्ध की आग में झुलस सकता है।

Join The Conversation Opens in a new tab
×