loader
The Haryana Story | रोहतक में रामपाल के खिलाफ आर्य समाज का बड़ा ऐलान,एकजुट हुए प्रतिनिधि, पाखंड के खिलाफ ‘तीसरी लड़ाई’ का आह्वान

रोहतक में रामपाल के खिलाफ आर्य समाज का बड़ा ऐलान,एकजुट हुए प्रतिनिधि, पाखंड के खिलाफ ‘तीसरी लड़ाई’ का आह्वान

देवी-देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का मुद्दा गरमाया, रामपाल के खिलाफ आर्य समाज ने उठाई आवाज

रोहतक। पाखंड, अंधविश्वास और कथित धार्मिक भ्रामक प्रचार के खिलाफ आर्य समाज ने अभियान तेज करने का ऐलान किया है। रोहतक के ऐतिहासिक दयानंद मठ में आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा की ओर से आयोजित पाखंड खंडन सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से पहुंचे आर्य समाज के प्रतिनिधियों और विद्वानों ने इस मुद्दे पर मंथन किया। सम्मेलन में संत रामपाल दास को लेकर भी तीखी चर्चा हुई और उनके खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाने की रणनीति पर विचार किया गया।

सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि समाज में अंधविश्वास और पाखंड को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों के खिलाफ वैचारिक और सामाजिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। आर्य समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि लोगों को वेदों और तर्कसंगत विचारधारा के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा गांव-गांव तक अभियान पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

रामपाल के खिलाफ शास्त्रार्थ की चुनौती

रामपाल दास को लेकर आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के उपप्रधान उमेद शर्मा पहले ही सार्वजनिक रूप से शास्त्रार्थ की चुनौती दे चुके हैं। उनका कहना है कि यदि रामपाल चाहें तो उनके आश्रम में लाइव डिबेट आयोजित की जा सकती है और इसके लिए निष्पक्ष कमेटी बनाई जाए, जो बहस का निर्णय करे। सम्मेलन में भी रामपाल दास के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाने और इसे व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप देने की बात सामने आई। इसे आर्य समाज की ओर से ‘तीसरी लड़ाई’ के आह्वान के तौर पर भी पेश किया गया।

धार्मिक टिप्पणियों और सोशल मीडिया गतिविधियों पर जताई चिंता

आर्य समाज के प्रतिनिधियों ने रामपाल दास और उनके समर्थकों से जुड़ी कथित धार्मिक टिप्पणियों को लेकर आपत्ति जताई। वक्ताओं ने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं, सनातन परंपरा और महापुरुषों को लेकर आपत्तिजनक सामग्री सामने आने पर कानून के दायरे में कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन की ओर से सोशल मीडिया पर कथित तौर पर धमकी भरी पोस्ट और हथियारों के प्रदर्शन से जुड़े मामलों में भी पुलिस से जांच और कार्रवाई की मांग रखी गई। हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

AI से तस्वीरों से छेड़छाड़ पर भी चिंता

संगोष्ठी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से धार्मिक प्रतीकों, देवी-देवताओं और महापुरुषों की तस्वीरों के साथ कथित छेड़छाड़ किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। वक्ताओं ने ऐसी सामग्री बनाने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

खाप और पंचायत प्रतिनिधियों को जोड़ने की तैयारी

आर्य समाज की ओर से अभियान को सामाजिक स्तर पर व्यापक बनाने के लिए खाप प्रतिनिधियों और ग्राम पंचायतों के सरपंचों से संपर्क करने की बात भी कही गई। रोहतक के गांव खिड़वाली में भी ग्रामीणों ने पाखंडवाद के खिलाफ अभियान का समर्थन करते हुए रामपाल की विचारधारा का विरोध करने की बात कही थी। आर्य समाज का कहना है कि धार्मिक आस्था के नाम पर समाज में भ्रम, अंधविश्वास या तनाव फैलाने वाली गतिविधियों का विरोध वैचारिक और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।

Join The Conversation Opens in a new tab
×