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The Haryana Story | बेटी के कमर पर रिवॉल्वर दिखने के बाद हरियाणवी गायक कर्मवीर फौजी की बढ़ीं मुश्किलें, पुलिस ने जब्त किए दोनों हथियार

बेटी के कमर पर रिवॉल्वर दिखने के बाद हरियाणवी गायक कर्मवीर फौजी की बढ़ीं मुश्किलें, पुलिस ने जब्त किए दोनों हथियार

वायरल वीडियो में कर्मवीर फौजी खुद हथियार के साथ नजर आ रहे हैं, जबकि उनकी बेटी के कमर पर भी दिखाई दे रहा है रिवॉल्वर

कैथल। गन कल्चर को लेकर हरियाणा पुलिस की सख्ती के बीच हरियाणवी गायक कर्मवीर फौजी से जुड़ा मामला सामने आया है। एक फिल्म प्रमोशन कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने उनके घर से पिस्टल और रिवॉल्वर जब्त कर लिए हैं। पुलिस ने हथियारों के लाइसेंस को रद्द करने के लिए कैथल के उपायुक्त को भी पत्र लिखा है। मामला कैथल की NIILM यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम से जुड़ा बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में कर्मवीर फौजी खुद हथियार के साथ नजर आ रहे हैं, जबकि उनकी बेटी के कमर पर भी रिवॉल्वर दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार, हथियार का लाइसेंस कर्मवीर फौजी के नाम पर है।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई

वीडियो सामने आने के बाद कैथल पुलिस ने मामले की जांच की और मंगलवार को कर्मवीर फौजी के दोनों हथियार जब्त कर लिए। डीएसपी क्राइम सुशील प्रकाश के मुताबिक, मामले में नियमानुसार कार्रवाई की गई है और लाइसेंस रद्द करवाने के लिए उपायुक्त को पत्र भेजा गया है। कैथल जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, अपराजिता आईएएस कैथल की उपायुक्त हैं, जबकि मनप्रीत सिंह सुदन आईपीएस पुलिस अधीक्षक हैं।

बेटी के हाथ में हथियार को लेकर फौजी ने दी सफाई

बेटी के रिवॉल्वर रखने को लेकर सवाल पूछे जाने पर कर्मवीर फौजी ने कहा कि लाइसेंस उनके नाम पर है और बेटी उनके साथ थी, इसलिए उसने रिवॉल्वर अपनी जेब में रख लिया था। उन्होंने खुद को वाइस चेयरमैन बताते हुए अपने पास लाइसेंसी हथियार होने की बात भी कही। हालांकि, जानकारी के मुताबिक उनकी पत्नी सोनिया रानी कैथल जिला परिषद की वाइस चेयरपर्सन हैं।

पहले भी हथियार को लेकर आ चुके हैं विवाद में

कर्मवीर फौजी इससे पहले भी हथियार को लेकर विवाद में रह चुके हैं। जानकारी के अनुसार, वह पहले जिला परिषद हाउस की बैठक में भी बंदूक लेकर पहुंचे थे। इस मामले में भी हथियार लेकर बैठक में पहुंचने को लेकर सवाल उठे थे। फिलहाल पुलिस ने दोनों हथियार अपने कब्जे में ले लिए हैं और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया के लिए मामला उपायुक्त के पास भेजा गया है। लाइसेंस रद्द होगा या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय संबंधित लाइसेंसिंग प्राधिकारी की प्रक्रिया के बाद होगा।

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