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The Haryana Story | “पासपोर्ट और ठिकाना बदल सकते हो, कानून नहीं… मोल्दोवा से गैंगस्टर की वापसी के बाद सीएम मान का सख्त संदेश”

“पासपोर्ट और ठिकाना बदल सकते हो, कानून नहीं… मोल्दोवा से गैंगस्टर की वापसी के बाद सीएम मान का सख्त संदेश”

मोल्दोवा से अमृत दालम की हवालगी के बाद पंजाब पुलिस टीम सम्मानित, बोले मान- विदेश में छिपे अपराधियों का भी पीछा जारी रहेगा

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विदेशों में छिपे गैंगस्टरों और संगठित अपराध से जुड़े अपराधियों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि वे चाहे जितनी दूर भाग जाएं, कानून की पकड़ से हमेशा नहीं बच सकते। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मोल्दोवा से भगोड़े अपराधी अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दालम को भारत वापस लाने वाली पंजाब पुलिस की टीम को सम्मानित किया। पंजाब पुलिस के अनुसार, अमृत दालम को मोल्दोवा से भारत लाना राज्य पुलिस की किसी यूरोपीय देश से पहली सफल हवालगी है। यह कार्रवाई एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल (OFTEC) ने केंद्रीय एजेंसियों तथा अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से की।

छह महीने तक चला अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन

पुलिस के मुताबिक अमृत दालम के खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह जग्गू भगवानपुरिया गैंग का प्रमुख सहयोगी बताया गया है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, यूएपीए, आर्म्स एक्ट और मादक पदार्थों से जुड़े मामले दर्ज हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में उसके खिलाफ 21 से अधिक मामलों का उल्लेख किया गया है।

पुलिस के अनुसार, दालम अक्टूबर 2024 में कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भारत से बाहर गया था। उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई और उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस भी जारी किया गया। इसके बाद छह महीने तक चले खुफिया अभियान ‘ऑपरेशन ईस्टर्न रीच’ के तहत उसकी गतिविधियों का पता लगाया गया। मोल्दोवा में हिरासत में लिए जाने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। मोल्दोवा की अदालत ने मई 2026 में उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी और जुलाई में अपील खारिज होने के बाद उसे भारत लाने का रास्ता साफ हुआ। पंजाब पुलिस की चार सदस्यीय टीम ने मोल्दोवा में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और उसे अजरबैजान के रास्ते भारत लाया गया।

‘विदेश में भी सुरक्षित ठिकाना नहीं’

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह कार्रवाई विदेशों से आपराधिक गतिविधियां संचालित करने वाले गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि पंजाब पुलिस उनका पीछा जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि अपराधी अपना ठिकाना, पासपोर्ट या पहचान बदल सकते हैं, लेकिन कानून से हमेशा बच नहीं सकते। मान ने कहा कि पंजाब में छिपे अपराधियों के साथ-साथ विदेशों में बैठे संगठित अपराधियों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने AGTF, OFTEC, पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय की सराहना की।

सरकार ने बताए कार्रवाई के आंकड़े

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के अनुसार अब तक 1,234 गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया गया है और विदेशों से 10 भगोड़ों को वापस लाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि नशा तस्करी के खिलाफ 60,582 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 366 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। मान के अनुसार पंजाब पुलिस को हाईटेक एंटी-ड्रोन प्रणालियों से लैस किया गया है, जबकि करीब 1.5 लाख लोगों की भागीदारी वाली ग्रामीण रक्षा समितियां गठित की गई हैं। ये आंकड़े मुख्यमंत्री द्वारा बताए गए सरकारी आंकड़े हैं। 

मोल्दोवा सरकार ने पंजाब पुलिस को दिया सम्मान चिह्न

मुख्यमंत्री के अनुसार, पंजाब पुलिस के हालिया मोल्दोवा दौरे के दौरान वहां की सरकार की ओर से बेहतर समन्वय और सहयोग के लिए टीम को सम्मान चिह्न भी दिया गया। भारत और मोल्दोवा की एजेंसियों के सहयोग से किसी भगोड़े अपराधी की भारत वापसी का यह पहला मामला बताया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों और पंजाब पुलिस के बीच बढ़ते सहयोग तथा आपसी विश्वास को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों में वांछित आरोपियों को विदेशों से वापस लाने के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। पंजाब पुलिस के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई में मोल्दोवा और अजरबैजान की एजेंसियों के साथ-साथ केंद्रीय जांच ब्यूरो की इंटरनेशनल पुलिस कोऑपरेशन यूनिट, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय का भी सहयोग रहा।

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