फरीदाबाद। सरकारी स्कूल में माली की जिम्मेदारी निभाने वाले तरुण इंदौरा इन दिनों विद्यार्थियों को रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) पढ़ाकर चर्चा में हैं। सुबह स्कूल के पौधों और परिसर की देखभाल करने वाले तरुण कक्षा का समय होने पर ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े होकर बच्चों को पढ़ाते हैं। स्कूल में केमिस्ट्री शिक्षक के डेपुटेशन पर जाने के बाद जब 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी, तो तरुण ने अपनी शैक्षणिक योग्यता और शिक्षण अनुभव के आधार पर कक्षाएं संभालने की जिम्मेदारी उठाई। फरीदाबाद के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व्यासपुर में उनकी यह पहल विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने में मदद कर रही है। खासकर बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे 12वीं के विद्यार्थियों को इससे राहत मिली है।
विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई तो आगे आए तरुण
दरअसल, विद्यालय में केमिस्ट्री के शिक्षक के डेपुटेशन पर जाने के बाद 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी थी। विशेष रूप से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को लेकर चिंता होने लगी। ऐसे में जुलाई 2026 में स्कूल प्रबंधन ने स्टाफ की शैक्षणिक योग्यता का आकलन किया। इस दौरान तरुण इंदौरा की केमिस्ट्री विषय में योग्यता सामने आई। तरुण ने ट्रायल क्लास के दौरान विद्यार्थियों को कठिन विषयों को सरल भाषा और उदाहरणों के माध्यम से समझाया। विद्यार्थियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद उन्हें केमिस्ट्री पढ़ाने की जिम्मेदारी जारी रखी गई।
दो बार यूजीसी नेट क्वालिफाई कर चुके हैं तरुण
तरुण इंदौरा की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत है। वह दो बार यूजीसी नेट क्वालिफाई कर चुके हैं। इसके अलावा उनके पास एमए, बीएड, सीटीईटी और एचटीईटी टीजीटी जैसी योग्यताएं हैं। वह पहले भी कई वर्षों तक निजी स्कूल में शिक्षण कार्य कर चुके हैं। शिक्षण के इसी अनुभव का लाभ अब उन्हें सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को पढ़ाने में मिल रहा है। माली के पद पर कार्यरत होने के बावजूद उन्होंने अपनी शैक्षणिक क्षमता का उपयोग कर विद्यार्थियों की पढ़ाई में सहयोग किया है।
सितंबर की परीक्षा को देखते हुए 20 फीसदी सिलेबस पूरा
विद्यालय में करीब तीन दर्जन विद्यार्थी तरुण से केमिस्ट्री की पढ़ाई कर रहे हैं। सितंबर में होने वाली परीक्षा को ध्यान में रखते हुए वह अब तक लगभग 20 फीसदी सिलेबस पूरा करा चुके हैं। तरुण का प्रयास है कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि विषय की बुनियादी समझ भी विकसित की जाए। इसके लिए वह कठिन टॉपिक्स को आसान तरीके से समझाने और विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान करने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
बच्चों की शंकाएं दूर करना है प्राथमिकता
तरुण इंदौरा का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ सिलेबस पूरा कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में केमिस्ट्री के प्रति रुचि पैदा करना भी है। वह चाहते हैं कि बच्चे विषय को रटने के बजाय उसे समझें और बिना झिझक अपनी शंकाएं पूछ सकें। विद्यालय के अध्यापक रामनरेश और वाइस प्रिंसिपल लवनेश ने भी इस पहल के संदर्भ में अपनी बात रखी। वहीं, छात्रा वंशिका ने भी कक्षा में पढ़ाई के अनुभव को साझा किया।
पद माली का, लेकिन निभा रहे शिक्षक की भूमिका
तरुण इंदौरा की यह पहल दिखाती है कि शैक्षणिक योग्यता और पढ़ाने के जुनून का इस्तेमाल विद्यार्थियों की मदद के लिए किया जा सकता है। स्कूल परिसर को हरा-भरा रखने की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ वह बच्चों की पढ़ाई में भी योगदान दे रहे हैं। शिक्षक के डेपुटेशन के कारण पैदा हुई पढ़ाई की समस्या के बीच तरुण का आगे आना विद्यार्थियों के लिए एक सहारा बना है। उनकी कोशिश है कि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित न हो और बच्चे परीक्षा की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकें।
related
खतरे में जिंदगियां: अवैध पटाखा गोदाम में धमाके से हिलीं कईं मकानों की नींव, मलबे की चपेट में आई बच्ची
अमर हुआ खाकी का फर्ज: ब्रेन डेड होने के बाद भी कुलदीप ने निभाया 'रक्षक' का धर्म, अंगदान की पेश की मिसाल
आबादी के करीब मंडराया तेंदुआ, शिकार मुंह में दबोचे दिखा, प्रतापनगर के मांडेवाला गऊशाला क्षेत्र में दहशत
Latest stories
CISF की जांबाज खिलाड़ी ने चीन में गाड़ा जीत का झंडा, रितु श्योराण की कप्तानी में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड
पानीपत के 35 गांवों की बदलेगी सूरत, 'मास्टर प्लान' तैयार, जानिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का 'मिशन विलेज'
फिरोजपुर झिरका में सीवर की जहरीली गैस ने छीनी दो मजदूरों की जिंदगी, ठेकेदार फरार, जिम्मेदार कौन?