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The Haryana Story | “पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के ठिकानों पर ED की छापेमारी, ₹248.46 करोड़ के रियल एस्टेट मामले में जांच”

“पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के ठिकानों पर ED की छापेमारी, ₹248.46 करोड़ के रियल एस्टेट मामले में जांच”

₹248.46 करोड़ की कथित हेराफेरी की जांच तेज, गोपाल कांडा के गुरुग्राम ठिकानों पर ED रेड

गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंत्री एवं विधायक रहे गोपाल कांडा से जुड़े गुरुग्राम स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। ED की टीम ने कांडा के आवास, फार्महाउस और कार्यालय में तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई रियल एस्टेट कंपनी वाटिका लिमिटेड से जुड़े कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई।

ED के अधिकारियों के अनुसार, जांच में वाटिका लिमिटेड के चार प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट्स के संबंध में करीब ₹248.46 करोड़ की राशि 661 निवेशकों से जुटाए जाने का मामला सामने आया है। एजेंसी का आरोप है कि निवेशकों को समय पर कब्जा देने, सुनिश्चित रिटर्न, लीज रेंटल और बिक्री विलेख (Sale Deed) निष्पादित करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन कथित तौर पर अब तक कई निवेशकों को न तो संपत्ति का कब्जा मिला और न ही वादा किया गया बिक्री विलेख निष्पादित हुआ।

फंड के कथित डायवर्जन की भी जांच ED की कार्रवाई का एक अहम पहलू कथित तौर पर निवेशकों से प्राप्त धन के वित्तीय लेनदेन की पड़ताल है। एजेंसी के मुताबिक जांच में ऐसे वित्तीय लेनदेन सामने आए हैं, जिनमें कथित तौर पर रियल एस्टेट कंपनी से निकाली गई रकम को गोपाल कांडा से जुड़ी विभिन्न कंपनियों में ट्रांसफर किए जाने की आशंका है। इसी मनी ट्रेल को खंगालने के लिए कांडा से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली गई।

पहले भी वाटिका से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई इससे पहले ED ने अगस्त 2026 में वाटिका लिमिटेड और उससे जुड़े लोगों के दिल्ली-NCR स्थित कई परिसरों पर भी तलाशी ली थी। उस कार्रवाई में एजेंसी ने तीन लग्जरी वाहन और आभूषण जब्त किए थे तथा करीब ₹33 करोड़ के बैंक खातों/प्रतिभूतियों को फ्रीज किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

ED की मौजूदा कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है। जांच अभी जारी है और तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों व अन्य सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कांडा या उनकी कानूनी टीम की ओर से इस कार्रवाई पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

नोट: यह मामला जांच के स्तर पर है। ED द्वारा लगाए गए आरोप जांच का हिस्सा हैं और आरोपों का अंतिम निर्धारण संबंधित न्यायिक प्रक्रिया में होगा।

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