एसीबी रोहतक द्वारा दिनांक 20.6.2025 को आरोपी शशांक पी.ए. उपायुक्त, सोनीपत को शिकायतकर्ता से 3,50000/-रुपए (तीन लाख पचास हजार रुपये) नकद रिश्वत राशि लेते कार्यालय उपायुक्त, सोनीपत से रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है तथा एसीबी को आरोपी के मकान न. 585, गली न. 6 अशोक बिहार, सोनीपत की तलाशी के दौरान कुल 5,75,000/-रुपए नकद राशि भी बरामद की गई है।
सोनीपत में बतौर क्लर्क के पद पर कार्यरत
इस सम्बन्ध में आरोपी के विरुद्ध अभियोग संख्या 19 दिनांक 20.6.2025 धारा 7 पी.सी.एक्ट, 1988 थाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा एसीबी रोहतक को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि वह कार्यालय उपायुक्त, सोनीपत में बतौर क्लर्क के पद पर कार्यरत है।
उसका स्थानान्तरण कई बार अलग-अलग कार्यालय में किया गया। अब उसका स्थानान्तरण उपायुक्त कार्यालय सोनीपत से अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय सोनीपत कर दिया गया। इस सम्बन्ध में उसके द्वारा शशांक पी.ए उपायुक्त सोनीपत से अनुरोध किया गया। जिसने उसको कहा कि तहसील राई में आर.सी. क्लर्क के पद पर लगने के लिए 5 लाख रूपये लगते है वह उसको तहसील राई में आर.सी. क्लर्क के पद पर लगवा देगा।
5 लाख रुपये नकद रिश्वत की मांग की गई
इस सम्बन्ध में उसके द्वारा उससे 5 लाख रुपये नकद रिश्वत की मांग की गई। वह शशांक पी.ए. उपायुक्त सोनीपत को 1,50,000/-रू. पहले दे चुका है। आरोपी द्वारा उससे कहा गया है कि उसकी उपायुक्त से बात हो चुकी है। अब वह उससे तहसील राई में आर.सी. क्लर्क के पद पर स्थानांतरण करवाने की एवज में बकाया 3,50,000/-रू. की मांग कर रहा है। हरियाणा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हरियाणा प्रमुख ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी व कर्मचारी उनके सरकारी कार्य करने की एवज में उनसे रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा के टोल फ्री नम्बर 1800-180-2022 व 1064 पर दें।
related
'डोंट डिजायर बट डिजर्व इट’ : विज बोले - मैं 2014 में 'सीनियर मोस्ट' था और अब भी 'सीनियर मोस्ट' हूं... लेकिन मैंने कभी कुछ नहीं चाहा
पांच साल पुराने मर्डर केस में विज का सख़्त रुख : जांच CBI को सौंपने की सिफारिश, पुलिस कर्मचारी के खिलाफ FIR के आदेश