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The Haryana Story | नगर निगम की कार्रवाई का जमकर हुआ विरोध, दुकानदार बोले - जब सीवर व्यवस्था नहीं..तो दुकानों के आगे थड़े कैसे तोड़ दें ?

नगर निगम की कार्रवाई का जमकर हुआ विरोध, दुकानदार बोले - जब सीवर व्यवस्था नहीं..तो दुकानों के आगे थड़े कैसे तोड़ दें ?

अवैध अतिक्रमण को लेकर पानीपत नगर निगम की सख्त कार्रवाई, विरोध पर उतरे दुकानदार, कहा सुनी के बाद बाजार किया बंद, विधायक प्रमोद विज के हस्तक्षेप के बाद 5 दिन का दिया गया समय

अवैध अतिक्रमण को लेकर पानीपत नगर निगम की सख्त कार्रवाई

पानीपत नगर निगम द्वारा मुनादी के बाद मंगलवार को सलारगंज गेट से लेकर इंसार बाजार तक दुकानों व मकानों के आगे किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। कई संस्थाओं के आगे बढ़ाए गए थड़े व छज्जे को तोड़ दिया गया। जेसीबी से की जा रही कार्रवाई का दुकानदारों ने विरोध भी किया। दुकानदारों का कहना था कि ढ़ाई फुट का छज्जा नगर निगम अधिकारियों व मेयर ने अलाउड किया था, लेकिन जेसीबी से ढाई फीट का छज्जा भी तोड़ा जा रहा है।

भाजपा के खिलाफ नारे लगाते हुए दुकानदारों ने बाजार भी बंद कर दिया

ऐसे में दुकानदार कहां जाएं। कई दुकानों के आगे थड़े तोड़ने के दौरान विरोध भी हुआ। दुकानदारों ने कहा कि जब सीवर व्यवस्था नहीं है तो दुकानों के आगे थड़े कैसे तोड़ दे। भाजपा के खिलाफ नारे लगाते हुए दुकानदारों ने बाजार भी बंद कर दिया। इसके बाद विधायक प्रमोद विज से पार्षद व संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल मदान ने बातचीत की विधायक प्रमोद विज के हस्तक्षेप के बाद नगर निगम अधिकारियों ने दुकानदारों को 5 दिन का समय दिया है। संयुक्त व्यापार मंडल के महासचिव गौरव लिखा, बाजार एसोसिएशन के पदाधिकारी संजय वर्मा व निशांत सोनी ने भी दुकानदारों की समस्या के बारे में पक्ष रखा।

जगह-जगह दुकानों के आगे से छज्जे तोड़े गए, बोर्ड भी तोड़ दिए गए

गौरतलब है कि नगर निगम की टीमें शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जोरदार अभियान चलाए हुए है। ऐसे में सुखदेव नगर में अवैध अतिक्रमण हटाने के बाद मंगलवार को सलार गंज गेट से लेकर इंसार बाजार तक अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी। टीम का नेतृत्व नगर निगम के एक्स.ई.एन. गोपाल कलावत कर रहे है। उनके साथ नगर निगम के अधिकारियों की टीम व पुलिस बल भी मौजूद रहा। जेसीबी के साथ अवैध अधिकरण हटाया गया। जगह-जगह दुकानों के आगे से छज्जे तोड़े गए। वहीं बोर्ड भी तोड़ दिए गए। दुकानों के आगे छज्जे तोड़ने के लिए कटर वालों की डिमांड बढ़ती जा रही है दुकानदारों का कहना है कि जो कटर संचालक ₹1000 लेता था वह अब ₹5000 मांगने लगा है। ऐसे में नगर निगम अधिकारियों व मेयर से मिलकर 5 दिन का समय लिया गया है। 

दुकान का सामान लटकता मिला तो दुकानदार का दो फुट का छज्जा भी तोड़ दिया जाएगा  

वही नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यदि दुकानदार अपनी दुकान के आगे ढाई फीट का छज्जा निकालता है और छज्जे के नीचे दुकान का सामान लटकता है तो ऐसे दुकानदार का दो फुट का छज्जा भी तोड़ दिया जाएगा। इसके साथ-साथ जिस थड़े के नीचे से पानी की निकासी नहीं होगी, नाली में पानी नहीं जाएगा सीवर की सफाई या नाली की सफाई नहीं होगी तो ऐसे थड़ों को भी तोड़ दिया जाएगा। 

पूरे शहर में चलेगा अभियान 

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान पूरे पानीपत में चला जाएगा। अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम की तीन चार अलग-अलग टीमें बनाए जाएगी। कार्रवाई से पहले मुनादी भी करवाई गई है। दुकानदारों को सहयोग करना चाहिए। बाजारों में पैदल निकलने का भी रास्ता नहीं बचा है ऐसे में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जरूरी थी। 

जेसीबी से छज्जे ज्यादा नुकसान 

नगर निगम टीम के कर्मचारी जेसीबी से दुकानों व मकानों के आगे बनाए गए छज्जे को तोड़ रहे थे तो जेसीबी से ज्यादा नुकसान हो रहा था। अब दुकानदारों ने स्वयं अपनी दुकानों व मकानों के आगे ढाई फीट से ज्यादा बढ़ाए गए छज्जे तुड़वाने शुरू कर दिए है। वहीं थड़ों को भी तोड़ा जा रहा है। रजिस्ट्री में जितनी जमीन है और जहां तक शटर लगा है उसे आगे की जगह पर कोई थड़ा या अवैध अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा।

विधायक प्रमोद विज के हस्तक्षेप के बाद अधिकारियों ने 5 दिन का समय दिया

संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष व वार्ड के पार्षद अनिल मदान ने कहा कि दुकानदारों की अपील पर विधायक प्रमोद विज के हस्तक्षेप के बाद अधिकारियों ने 5 दिन का समय दिया है दुकानदार अपने थड़े व छज्जे को स्वयं हटा रहे है। उन्होंने कहा कि लोगों को आने-जाने में परेशानी थी इसलिए अधिकारी कार्रवाई कर रहे है। बाजार वाले भी सहयोग कर रहे है।

पांच या 10 दिन में कोई आफत नहीं आ जाएगी

कई दुकानदारों ने जमकर विरोध किया तथा कहा कि पुलिस आए तो उन्हें गिरफ्तार कर सकती है, लेकिन इस प्रकार कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। जब वह अतिक्रमण हटाने के लिए समय दे रहे हैं तो ऐसे में अचानक कार्रवाई क्यों की जा रही है। पांच या 10 दिन में कोई आफत नहीं आ जाएगी। स्वयं दुकानदार अपने सामान को अंदर करके छज्जे व थड़े तोड़ने के लिए सहमत है। विधायक, मेयर व नगर निगम अधिकारियों को दुकानदारों की समस्या भी देखनी चाहिए। जो काम 50 मजदूरों का होता है उसे अब 10 मजदूर कर रहे है ऐसे में काम करने वाले मजदूर भी ज्यादा पैसे मांगने लगे है, इसलिए समय मांगा गया है।

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