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The Haryana Story | 21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौती तेजी से बढ़ता शहरीकरण, विकसित भारत 2047 के रोड मैप में उल्लेखनीय रहेगी शहरी निकायों की भूमिका

21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौती तेजी से बढ़ता शहरीकरण, विकसित भारत 2047 के रोड मैप में उल्लेखनीय रहेगी शहरी निकायों की भूमिका

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों का बुलाया पहला राष्ट्रीय सम्मेलन, सीएम सैनी बोले -विकसित राष्ट्र के लिए शहरों का व्यवस्थित, स्वच्छ, स्मार्ट,टिकाऊ और जनहितैषी होना जरूरी

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों को सम्बोधित करते सीएम नायब सिंह सैनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प और लक्ष्यों को देश के राज्यों में सबसे पहले धरातल  पर लाने का कार्य किया है और उसी कड़ी में उन्होंने प्रधानमंत्री के 2047 तक के विकसित भारत के विजन को साकार करने की पहल की है, राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के महापौर का पहला राष्ट्रीय सम्मेलन हरियाणा में आयोजित कर लोकतंत्र में जनभागिता की कड़ी को मजबूत करने का काम किया है।

देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा शहरों की ओर प्रवास करने के लिए बढ़ रहा

मुख्यमंत्री का मानना है कि 21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौती तेजी से बढ़ता शहरीकरण है और देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा शहरों की ओर प्रवास करने के लिए बढ़ रहा है। यही कारण है कि पीएम मोदी ने विकसित भारत 2047 का जो रोड मैप देश को दिया है उसमें शहरी निकायों की भूमिका उल्लेखनीय रहेगी। मुख्यमंत्री स्पष्ट रूप से मानते हैं कि जब तक हमारे शहर व्यवस्थित, स्वच्छ,स्मार्ट,टिकाऊ और जनहितैषी नहीं होंगे, तब तक हम विकसित राष्ट्र कि कल्पना को साकार नहीं कर पाएंगे। लोकतंत्र की तीसरी परत नगर निगम,नगर परिषद व नगर पालिका अब सिर्फ शहरी सेवाओं की जिम्मेदारी ही नहीं संभाल रही, बल्कि ये विकास की चालक शक्ति बन चुकी हैं।

गुरुग्राम न केवल भारत का बल्कि एशिया का एक प्रमुख आईटी और कारपोरेट हब बन चुका

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शहरी विकास को सरकार की नीतियों का केंद्र बिंदु बनाया है। गुरुग्राम में यह राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का मकसद देश के शहरों की छोटी सरकारों का प्रतिनिधित्व  करने वाले जनप्रतिनिधियों को यह दिखलाना है कि गुरुग्राम किस प्रकार एक व्यवस्थित शहर है। गुरुग्राम न केवल भारत का बल्कि एशिया का एक प्रमुख आईटी और कारपोरेट हब बन चुका है। सरकार ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण का गठन किया है, ताकि यहां के निकायों को और अधिक स्वायत्तता मिल सके।

भूमिका केवल विकास कार्यो तक ही सीमित नहीं

सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों को इस बात की जानकारी दी गई कि इसी तरह के प्राधिकरण फरीदाबाद, सोनीपत, हिसार और पंचकूला में गठित किये गए हैं ताकि शहरी विकास विजन आधारित समन्वित और जन उत्तरदायी बन सके। शहरी निकायों की भूमिका केवल विकास कार्यो तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की प्रयोगशाला है। यहां जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद होता है, इसलिए आपका नेतृत्व,आपकी सोच और आपकी योजनाएं आने वाले भारत की दिशा तय करेंगी।

राष्ट्रीय सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण की झलक देखने को मिली

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि पीएम मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने का संकल्प लेकर जाएं और अपने अपने निकायों के सदन की बैठक में हरियाणा की धरती से लिए गए संकल्प का संदेश  क्षेत्र के लोगों तक पहुँचाए। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण की झलक देखने को मिली। किसी राज्य से 50 प्रतिशत महिलाएं तो किसी राज्य से 33 प्रतिशत महिलाओं की उपस्थिति जनप्रतिनिधि के रूप में देखने को मिली।

यह पहला राष्ट्रीय सम्मेलन जनप्रतिनिधियों के लिए नई उमंग लेकर आया

यह संयोग की बात है कि अपनी तरह का यह पहला राष्ट्रीय सम्मेलन जनप्रतिनिधियों के लिए नई उमंग लेकर आया है। हरियाणा विधानसभा में इस बार 40 विधायक पहली बार चुनकर आए हैं। इस सम्मेलन में न केवल सत्तापक्ष के विधायकों की उपस्थिति रही, बल्कि राजनीति से ऊपर उठकर विपक्षी दलों के विधायकों ने भी भाग लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए की गई पहल पर मोहर लगाई है।

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