बिहार के पूर्णिया में 'डायन' के शक में 5 लोगों की हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि पिटाई के बाद पांचों को जिंदा जलाया गया। सूत्रों के अनुसार गांव के लोगों ने डायन बताकर परिवार को मारा और पेट्रोल डालकर लाशों को जलाया। मारे गए लोगों में बाबूलाल उरांव, उनकी पत्नी सीता देवी, मां कातो मसोमात, बेटा मनजीत उरांव और बहु रानी देवी शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पुलिस पहुंची और फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
'डायन' के शक में 5 लोगों की हत्या
बिहार के पूर्णिया में 'डायन' के शक में 5 लोगों की हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि पिटाई के बाद पांचों को जिंदा जलाया गया। सूत्रों के अनुसार गांव के लोगों ने डायन बताकर परिवार को मारा और पेट्रोल डालकर लाशों को जलाया। मारे गए लोगों में बाबूलाल उरांव, उनकी पत्नी सीता देवी, मां कातो मसोमात, बेटा मनजीत उरांव और बहु रानी देवी शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पुलिस पहुंची और फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
सभी शव 80 फीसदी से ज्यादा जल चुके
जानकारी मुताबिक लाशें घर से डेढ़ किलोमीटर दूर तालाब में मिलीं, जिन्हें जलाने के बाद अलग-अलग बोरों में भरकर जलकुंभियों के बीच छिपाया गया था। सभी शव 80 फीसदी से ज्यादा जल चुके हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक परिवार झाड़ फूंक करता था। 4 दिन पहले गांव में एक बच्चे की मौत हो गई। गांव वालों ने अंधविश्वास में इस हत्याकांड को अंजाम दिया है।
'मेरे सामने ही पूरे परिवार को मारा गया'
मृतक बाबूलाल के 15 वर्षीय बेटे सोनू ने बताया कि 'मेरे सामने ही पूरे परिवार को मारा गया है। रविवार की रात करीब 10 बजे अचानक 50-60 लोग घर पर आ गए और मेरी मां सीता देवी को डायन बताकर बांस के पीटने लगे। उन लोगों ने मेरे परिवार को पीट पीटकर मार डाला। पुलिस की गिरफ्तार में आए आरोपी नकुल ने कहा 'मारपीट के बाद डीजल छिड़कर पांचों को जिंदा जलाया था।
सोनू किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा
बता दें कि बाबू लाल उरांव का 15 साल का बेटा सोनू किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा और नानी घर पहुंचा। उसने आंखों देखी नानी को सुनाई। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। सोनू ने पुलिस को बताया कि घर से 150-200 मीटर दूर लाशों को ले जाया गया था। मैंने खुद देखा। इसके बाद मैं वहां से भाग गया था। फिर लाश को कहां ठिकाने लगाया ये मैंने नहीं देखा।
इस कांड में पूरे गांव के शामिल होने की बात कही जा रही
सदर डीएसपीओ पंकज शर्मा ने बताया कि ये उरांव जाति का गांव है। यहां के 5 सदस्यों के साथ मारपीट कर के सभी को जला दिया गया है। घर से डेढ़ किलोमीटर दूर पांचों लाशों को बरामद कर लिया गया। जिंदा जलाया है या मरने के बाद इसकी जांच हो रही है। 'एक 15 साल का बच्चा है उसी ने नानी को सूचना दी। सुबह 5 बजे सोनू ने घटना की जानकारी दी कि मेरे परिवार के लोगों को पीट-पीटकर मारा गया है। लाशों को जलाकर फेंका गया है। इसके बाद पुलिस तुरंत गांव पहुंची। डॉग स्क्वॉड की टीम बुलाई गई। इस कांड में पूरे गांव के शामिल होने की बात कही जा रही है। 3 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। एसआईटी की गठन किया गया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी जारी है।
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