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The Haryana Story | सीएम बोले - मिट्टी से बर्तन बनाने की कला हमारी 'अमूल्य' धरोहर, यह कला देश के इतिहास और सभ्यता से भी जुड़ी

सीएम बोले - मिट्टी से बर्तन बनाने की कला हमारी 'अमूल्य' धरोहर, यह कला देश के इतिहास और सभ्यता से भी जुड़ी

सीएम ने कहा कि विज्ञान के युग में परम्परागत दक्षता को व्यावसायिक कुशलता में बदलने की जरूरत, तभी तकनीक के इस युग में आगे बढ़ पाएंगे

प्रतीकात्मक तस्वीर

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मिट्टी से बर्तन बनाने की कला हमारी अमूल्य धरोहर है, मिट्टी के बर्तन बनाना मात्र एक कला ही नहीं है बल्कि प्रजापत समाज की कलात्मक सोच, उसकी कुशलता और कौशल का प्रतीक है। सरकार का दृढ़ संकल्प है कि हरियाणा के हर मेहनतकश को सम्मान मिले, उसे ताकत मिले और उसकी प्रगति के नए रास्ते खुलें। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह बात रविवार को जिला भिवानी में आयोजित राज्य स्तरीय महाराजा दक्ष प्रजापति जयंती समारोह में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कही। इससे पहले मुख्यमंत्री ने महाराजा दक्ष प्रजापति के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

19 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अनेक बड़ी घोषणाएं की और भिवानी जिला को विकास कार्यो की सौगात देते हुए 234 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत की 19 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें 87 करोड़ 42 लाख रुपये की लागत की 6 परियोजनाओं के उद्घाटन और लगभग 147 करोड़ रुपये लागत की 13 परियोजनाओं के शिलान्यास शामिल हैं। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि अगले 15 दिनों में प्रदेश के 2 हजार गांवों में जहां पंचायती भूमि उपलब्ध है, वहां पर प्रजापति समाज को भूमि उपलब्ध करवा दी जाएगी ताकि कि उन्हें मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए मिट्टी जुटाने में दिक्कत न आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खसरा नम्बर सहित जमीन की पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी।

प्रजापति समाज के लाभार्थियों को जमीन के अधिकार पत्र भी प्रदान किए

इस अवसर पर उन्होंने भिवानी जिला के प्रजापति समाज के लाभार्थियों को जमीन के अधिकार पत्र भी प्रदान किए। उन्होंने यह भी घोषणा की सूक्ष्म उद्यम शुरू करने वाले प्रजापति समुदाय के लोगों को हरियाणा ग्रामीण औद्योगिक योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके तहत प्रदेश के बी, सी तथा डी श्रेणी के ब्लॉकों में मशीनरी तथा भवन निर्माण पर किए गए निवेश पर 15 प्रतिशत की दर से पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा, 7 वर्षों के लिए सावधि ऋण पर 7 प्रतिशत या अधिकतम 8 लाख रुपये प्रतिवर्ष की दर से ब्याज सब्सिडी भी दी जाएगी।

 मुख्यमंत्री ने समाज के मांग पत्र को स्वीकार करते हुए प्रदेश में समाज की धर्मशालाओं में विभिन्न कार्यो के लिए कुल 1 करोड़ 29 लाख रुपए देने की घोषणा की। जिसमें मुख्यमंत्री ने 31 लाख रुपए, कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने 21 लाख रुपए और कृष्ण लाल पंवार, महिपाल ढांडा, डॉ अरविंद शर्मा, कृष्ण कुमार बेदी, श्रुति चौधरी, सांसद धर्मबीर सिंह व रामचंद्र जांगडा की ओर से 11-11 लाख रुपए की राशि शामिल है।

सामुदायिक केंद्रों के निर्माण के लिए 3 करोड़ 5 लाख रुपए देने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने जिला भिवानी के गांव हालूवास माजरा, धिराणा माजरा और देवसर के उप स्वास्थ्य केंद्रों के नवीनीकरण के लिए 1 करोड़ 66 लाख रुपए, भिवानी नई अनाज मंडी में अतिरिक्त दो कवर शैड के निर्माण के लिए 3 करोड़ 50 लाख रुपए, भिवानी नई अनाज मंडी में नई सड़क के निमार्ण के लिए 4 करोड़ 50 लाख रुपए, नई अनाज मंडी की चारदिवारी के लिए 80 लाख रुपए, अनाज मंडी के साथ लगते मार्किट बोर्ड के गोदामों को ऊंचा उठाने के लिए 3 करोड़ 50 लाख रुपए, पशुओं के पीने के पानी की व्यवस्था के लिए जिला के नंदगांव से बाबा वाला जोहड को राजगढ माइनर से पाइपलाइन के माध्यम से जोड़ने के लिए 49 लाख 33 हजार रुपए, नदंगांव में दोनों जोहडों की रिटेनिंग वॉल के निर्माण और सौंदर्यकरण के लिए 2 करोड़ रुपए, भिवानी की 6 विभिन्न धर्मशालाओं दुर्बलनाथ खटीक धर्मशाला, धानक धर्मशाला, कबीर धर्मशाला, स्नातन धर्मशाला, वीरवान पाना धर्मशाला और भाटाभगडी धर्मशाला में हॉल व विभिन्न कार्यो के लिए 1 करोड़ 50 लाख रुपए, गावं कोट, हालूवास और हालूवास माजरा देवसर में सामुदायिक केंद्रों के निर्माण के लिए 3 करोड़ 5 लाख रुपए देने की घोषणा की।

इतिहास की जानकारी में भी प्रजापत समाज का महान योगदान

इसके अलावा, उन्होंने भिवानी विधानसभा के शहर व गांव में विभिन्न विकास कार्यो के लिए अलग से 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने महाराजा दक्ष प्रजापति को नमन करते हुए कहा कि वें एक महान राजा, दूरदृष्टा, कुशल प्रशासक और सृष्टि के विस्तारक थे। उन्होंने समाज को एक अनुशासित और व्यवस्थित ढाँचा प्रदान किया। प्रजापत समाज का देश और हरियाणा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिट्टी से बर्तन तथा मूर्तियां बनाने की कला देश की सभ्यता से भी जुड़ी हुई है। आज तक इतिहास को जानने के लिए जितनी भी खुदाई हुई है, उनमें दूसरी वस्तुओं के साथ-साथ मिट्टी के बर्तन व मूर्तियां जरूर मिली हैं। प्रदेश के बनवाली व राखीगढ़ी गांवों में खुदाई के दौरान सिन्धु घाटी सभ्यता के समय की मिट्टी की मूर्तियां और बर्तन मिले है। इतिहास की जानकारी में भी प्रजापत समाज का महान योगदान है। प्रजापति समाज ने चाक के आविष्कार से अपनी कला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। 

नई-नई तकनीकों का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाना चाहिए

नायब सिंह सैनी ने कहा कि विज्ञान के युग में परम्परागत दक्षता को व्यावसायिक कुशलता में बदलने की जरूरत है। तभी तकनीक के इस युग में आगे बढ़ पाएंगे। मिट्टी से न केवल बर्तन बल्कि सजावटी वस्तुएं बनाने के परम्परागत तरीकों के साथ-साथ नई-नई तकनीकों का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने समाज से आग्रह किया कि प्रजापति समाज आम इस्तेमाल के बर्तनों के साथ-साथ मिट्टी से सजावट वाले वस्तुएं भी बनाएं, जिनकी विदेशों में बहुत मांग है। आज वे आधुनिक इलेक्ट्रिक व सोलर आधारित चाक और नई भट्टियों का भी प्रयोग करें, ताकि उत्पादन बढ़े और मेहनत कम हो। 

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