प्रोफेसर अशीम कुमार घोष को हरियाणा का 19वां राज्यपाल बनाया गया है। सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके नाम की घोषणा की। इससे पहले बंडारू दत्तात्रेय राज्यपाल थे। वह 18 जुलाई 2021 से यह जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अशीम घोष पश्चिम बंगाल के हावड़ा के रहने वाले हैं। अशीम 1999 से लेकर 2002 तक पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। घोष तीसरे ऐसे राज्यपाल हैं, जिनका नाता पश्चिम बंगाल से है। इनसे पहले बीरेंद्र नारायण चक्रवर्ती और हरी आनंद बरारी बंगाल से थे।
तपन सिकदर अशीम को राजनीति में लाए थे
उन्होंने 2 जून 2013 को हावड़ा लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर उपचुनाव लड़ा था। यह सीट तृणमूल कांग्रेस की सांसद अंबिका बनर्जी के निधन के बाद खाली हुई थी। हालांकि, अशीम घोष उपचुनाव हार गए थे। पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रवक्ता सौरभ सिकदर ने बताया कि अशीम कोलकाता के मनिन्द्र चंद कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर रहे हैं। अटल बिहारी वाजपेयी की कैबिनेट में मंत्री रहे तपन सिकदर अशीम को राजनीति में लाए थे।
हरियाणा एक विकसित राज्य
नियुक्ति पर अशीम घोष ने कहा हरियाणा एक विकसित राज्य है। इसकी प्रति व्यक्ति आय अन्य राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है। मेरा मानना है कि हरियाणा को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। किसानों की समस्याएं हैं और कानून-व्यवस्था भी एक चिंता का विषय है। वहां पहुँचने के बाद में मंत्रियों, मुख्यमंत्री और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से सीधा संपर्क स्थापित करूंगा।
related
'डोंट डिजायर बट डिजर्व इट’ : विज बोले - मैं 2014 में 'सीनियर मोस्ट' था और अब भी 'सीनियर मोस्ट' हूं... लेकिन मैंने कभी कुछ नहीं चाहा
पांच साल पुराने मर्डर केस में विज का सख़्त रुख : जांच CBI को सौंपने की सिफारिश, पुलिस कर्मचारी के खिलाफ FIR के आदेश