वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा के साथ कुरुक्षेत्र नगर परिषद की बैठक में हुए कथित दुर्व्यवहार के मामले में हरियाणा विधानसभा की विशेषाधिकार समिति (प्रिविलेज कमेटी) ने संज्ञान लेते हुए जांच की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इस संबंध में समिति की पहली बैठक सोमवार को कमेटी अध्यक्ष एवं मंत्री मूलचंद शर्मा की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में आयोजित की गई।
निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर ही निर्णय लिया जाए
बैठक में अशोक अरोड़ा ने कथित घटना से जुड़े विस्तृत तथ्य एवं दस्तावेजी साक्ष्य कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किए। मूलचंद शर्मा ने बताया कि अरोड़ा की बातों को गंभीरता से सुना है। समिति का उद्देश्य है कि दोनों पक्षों को निष्पक्ष रूप से सुना जाए और तथ्यों के आधार पर ही निर्णय लिया जाए। प्रिविलेज कमेटी ने इस मामले में ईओ समेत करीब 6 व्यक्तियों को नोटिस जारी कर तलब किया है जिन्हें इसी माह के अंत तक समिति के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है।
समिति किसी दबाव में निर्णय नहीं लेगी
शर्मा ने कहा कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आरोप हैं, उनकी बात भी सुनी जाएगी। समिति किसी दबाव में नहीं, केवल सत्य और तथ्य के आधार पर निर्णय लेगी। 4 अन्य मामलों पर भी होगी कार्रवाई कमेटी अध्यक्ष ने बताया कि अरोड़ा प्रकरण के अलावा 4 अन्य शिकायतें भी विशेषाधिकार समिति के पास लंबित हैं जिन पर जल्द सुनवाई होगी। सभी मामलों में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
बैठक में बाहरी व्यक्तियों की एंट्री प्रतिबंधित थी, विधायक अरोड़ा ने आपत्ति जताई थी
बता दे कि विवाद 23 मई 2025 का है, जब थानेसर नगर निगम की हाउस की मीटिंग में कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा और भाजपा पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र शर्मा और नंदी के बीच तीखी बहस और हाथापाई हो गई थी। क्योंकि बैठक में बाहरी व्यक्तियों की एंट्री प्रतिबंधित थी, बावजूद इसके पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र शर्मा के मौजूद थे, जिस पर विधायक अशोक अरोड़ा ने आपत्ति जताई थी। इस बाद नरेंद्र शर्मा, उनके समर्थकों और अशोक अरोड़ा के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि धक्के-मुक्की तक बात आ गई थी।
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