सड़क सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने और यातायात नियमों के प्रभावी प्रवर्तन के लिए केन्द्र सरकार की 'पूंजीगत निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना' (एसएएससीआई) 2025-26 के अंतर्गत हरियाणा को 150 करोड़ रुपये की सहायता राशि मिलने जा रही है। इस राशि का उपयोग राज्य में दुर्घटनाओं को रोकने हेतु ठोस उपायों के लिए किया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें इस योजना के अंतर्गत धनराशि प्राप्त करने और उसके सार्थक उपयोग के लिए राज्य की कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
सहायता राशि पांच प्रमुख उपलब्धियों से जुड़ी होगी
यह 150 करोड़ रुपये की सहायता राशि पांच प्रमुख उपलब्धियों से जुड़ी होगी। इनमें चिन्हित स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक एनफोर्समेंट डिवाइस की स्थापना, इन उपकरणों को ट्रैफिक कंट्रोल रूम से जोड़ना, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से ई-चालानों का सृजन, ई-चालानों का त्वरित निपटान तथा राज्य राजमार्गों और प्रमुख जिला सड़कों पर मृत्यु दर में स्पष्ट कमी लाना शामिल है। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि वह एक विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेजे।
विभागों के बीच सुदृढ़ परस्पर समन्वय अत्यंत आवश्यक
उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए यातायात नियमों के कठोर अनुपालन, डिजिटल प्रवर्तन व्यवस्था तथा जन जागरूकता अभियानों को खास तौर से शामिल किया जाए। रस्तोगी ने यह भी कहा कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परिवहन, पुलिस, शहरी स्थानीय निकाय और लोक निर्माण जैसे विभागों के बीच सुदृढ़ परस्पर समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
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