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The Haryana Story | जल्द शुरू होगी एशिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, सीएम ने बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश

जल्द शुरू होगी एशिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, सीएम ने बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सोनीपत के गन्नौर में विकसित की जा रही अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी राज्य की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित परियोजना

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सोनीपत के गन्नौर में विकसित की जा रही अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी राज्य की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित परियोजना है, जिसका शीघ्र संचालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मंडी के संचालन में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा नहीं आनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस परियोजना की प्रगति की रिपोर्ट समय-समय पर लेते रहे हैं, और हमारा प्रयास रहेगा कि इस अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी के संचालन की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक विशेष नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाए, जो राज्य सरकार, केंद्र सरकार और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक कार्यवाहियों को सुनिश्चित करे।

पहाड़ी राज्यों के सेब उत्पादक किसानों को भी इस मंडी से बड़ा लाभ मिलेगा

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि परियोजना से जुड़े परामर्शदाता (कंसल्टेंट) को निर्देशित किया जाए कि मंडी की संरचना, संभावनाओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी न केवल हरियाणा बल्कि अन्य राज्यों और देशों तक भी व्यापक रूप से पहुंचाई जाए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दिल्ली की आजादपुर मंडी के व्यापारियों के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों के सेब उत्पादक किसानों को भी इस मंडी से बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि यहां से जुड़ा मजबूत सड़क नेटवर्क फल और सब्जियों के सुगम और तेज परिवहन को सुनिश्चित करेगा। 

मंडी में 5,500 ट्रकों एवं लगभग 15,000 कारों के लिए पार्किंग सुविधा प्रस्तावित

उन्होंने कहा कि दिल्ली की आजादपुर मंडी के व्यापारियों के साथ साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के सेब उत्पादक किसानों को भी इस मंडी से बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि यहां से मजबूत सड़क नेटवर्क जुड़ा हुआ है, जिससे फल सब्जियों का सुगम परिवहन संभव होगा। बैठक में जानकारी दी गई कि यह अत्याधुनिक मंडी 544 एकड़ भूमि में विकसित की जा रही है, जिसमें से 350 एकड़ क्षेत्र में कुल 17 आधुनिक शेड बनाए जाएंगे। इसके साथ ही वर्टिकल मार्केटिंग की भी व्यवस्था होगी। मंडी में 5,500 ट्रकों एवं लगभग 15,000 कारों के लिए पार्किंग सुविधा प्रस्तावित है। 

मुख्यमंत्री ने व्यापार संचालन योजना के तहत टेंडर को भी स्वीकृति दी

बैठक में यह भी बताया गया कि 2,595 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया को तकनीकी समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने व्यापार संचालन योजना के तहत टेंडर को भी स्वीकृति दी, जिसके अंतर्गत केवल उन्हीं इच्छुक निवेशकों को पात्र माना जाएगा, जिनके पास बागवानी क्षेत्र में न्यूनतम 100 एकड़ में कार्य का अनुभव हो तथा जिनका वार्षिक कारोबार कम से कम 100 करोड़ रुपये का हो। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि इस परियोजना को अधिक उपयोगी व वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए केंद्र सरकार के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण से भी मार्गदर्शन एवं सलाह ली जाए।

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