हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत नई स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने के लिए समझौते किए हैं। इन समझौतों के तहत कुरुक्षेत्र और पानीपत के जिला नागरिक अस्पतालों में एमआरआई स्कैन और चरखी दादरी के जिला नागरिक अस्पताल एवं बहादुरगढ़ के उप-जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेवाएं शुरू की जाएंगी। ये समझौते एम/एस नवनीत सक्सेना, एम/एस सत्यकिरण और एम/एस हेल्थमैप के साथ किए गए हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में सीटी और एमआरआई स्कैन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं
यह पहल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की इस दृष्टि का हिस्सा है कि हरियाणा के प्रत्येक नागरिक को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। इन सेवाओं के शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों के लोगों को बेहतर डायग्नोस्टिक सेवाएं और शीघ्र उपचार प्राप्त हो सकेगा। ये सेवाएं अगले तीन महीनों में शुरू होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में सीटी और एमआरआई स्कैन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा, यह तो सिर्फ शुरूआत है। राज्य सरकार का संकल्प है कि ऐसी सुविधाएं हर जिले तक पहुंचाई जाएं। हम चरणबद्ध तरीके से इन सेवाओं का विस्तार करेंगे ताकि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
राज्य में हर वर्ष लगभग 1.5 लाख सीटी स्कैन और 65,000 एमआरआई स्कैन किए जा रहे
पीपीपी मॉडल के तहत सीटी स्कैन सेवाएं 2015 में शुरू की गई थीं, जो प्रारंभ में 4 जिलों में उपलब्ध थीं और अब 17 जिलों में संचालित हो रही हैं। एमआरआई सेवाएं भी 2015 में पीपीपी मॉडल के तहत शुरू की गई थीं और वर्तमान में 5 जिलों में उपलब्ध हैं। जल्द ही यह सेवाएं सभी जिलों में विस्तारित की जाएंगी। वर्तमान में राज्य में हर वर्ष लगभग 1.5 लाख सीटी स्कैन और 65,000 एमआरआई स्कैन किए जा रहे हैं। इन डायग्नोस्टिक सेवाओं की दरें आम मरीजों के लिए बाजार दरों से 50-60% कम हैं।
इन श्रेणियों के मरीजों के लिए ये पूरी तरह नि:शुल्क
- हरियाणा के बीपीएल और शहरी स्लम क्षेत्र के मरीज
- हरियाणा सरकार से विकलांगता पेंशन प्राप्त करने वाले लाभार्थी
- कोई अन्य छूट श्रेणी में न आने वाले आर्थिक रूप से गरीब मरीज
- हरियाणा के अनुसूचित जाति के मरीज- हरियाणा सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस)
- सड़क दुर्घटना में घायल अज्ञात पीड़ित
- हरियाणा सरकार के कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनके आश्रित, और एचआईवी पीड़ित (पीएलएचआईवी)।
हरियाणा ने स्वास्थ्य अवसंरचना और सेवाओं को मजबूत करने के लिए पीपीपी मॉडल को सफलतापूर्वक अपनाया है। इसी मॉडल के माध्यम से राज्य ने डायलिसिस, सीटी स्कैन, एमआरआई स्कैन और कैथ लैब जैसी सेवाएं सफलतापूर्वक प्रदान की हैं।
related
'डोंट डिजायर बट डिजर्व इट’ : विज बोले - मैं 2014 में 'सीनियर मोस्ट' था और अब भी 'सीनियर मोस्ट' हूं... लेकिन मैंने कभी कुछ नहीं चाहा
पांच साल पुराने मर्डर केस में विज का सख़्त रुख : जांच CBI को सौंपने की सिफारिश, पुलिस कर्मचारी के खिलाफ FIR के आदेश