हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार को शोक प्रस्तावों से शुरू हुआ, लेकिन जैसे ही प्रश्नकाल आया, सदन का माहौल बदल गया। कांग्रेस विधायकों ने कानून वयवस्था और मनीषा की संदिग्ध मौत का मामला जोर-शोर से उठाया और सरकार को कानून-व्यवस्था पर घेरा। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के पोस्टर लेकर कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
हालात ऐसे बने कि स्पीकर हरविंद्र कल्याण को सदन की कार्यवाही बार-बार रोकनी पड़ी। दिनभर में सदन को 6 बार स्थगित करना पड़ा। लंबे गतिरोध के बाद आखिरकार स्पीकर ने कांग्रेस की मांग मानते हुए 26 अगस्त को कानून-व्यवस्था और मनीषा कांड पर चर्चा कराने की घोषणा कर दी। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने पहले ही निर्णय लिया है कि मानसून सत्र 27 अगस्त तक चलेगा। 23 और 24 अगस्त को सदन की कार्यवाही अवकाश पर रहेगी।
प्रदेश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी
कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। ऐसे हालात में काम रोको प्रस्ताव लाना उनकी मजबूरी नहीं बल्कि जनता की आवाज है। गीता भुक्कल ने प्रस्ताव सदन में पेश करते हुए कहा कि सरकार सिर्फ़ लीपापोती कर रही है, जबकि जनता न्याय चाहती है। कांग्रेस का साफ कहना था कि जब तक प्रस्ताव पर चर्चा नहीं होगी, तब तक विपक्ष सदन नहीं चलने देगा।
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार चर्चा से भाग नहीं रही। भिवानी कांड में पुलिस ने गिरफ्तारी की है और अब जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कांग्रेस के शासनकाल में तो हालत ऐसे थे कि पीड़ित दर-दर की ठोकरें खाता था, एफआईआर तक दर्ज नहीं होती थी। आज विपक्ष राजनीति कर रहा है।
सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए कांग्रेस पर आरोप लगा रही
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा हमारे समय हर मामले में एफआईआर दर्ज होती थी और कार्रवाई भी होती थी। आज बेटियों की सुरक्षा खतरे में है और सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए कांग्रेस पर आरोप लगा रही है। यह जनता के साथ धोखा है। सर्वदलीय बैठक भी बेनतीजा रही लगातार हंगामे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक लंबी चली, लेकिन कांग्रेस अपने रुख पर अड़ी रही।
सदन के बाहर भी माहौल उतना ही गरम रहा
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस को मनाने की कोशिश हुई, पर विपक्ष साफ बोला कि बिना काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा के, सदन सुचारू रूप से नहीं चल सकता। सदन के बाहर भी माहौल उतना ही गरम रहा। कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि कांग्रेस का रवैया अलोकतांत्रिक है। यदि कार्यवाही बाधित होगी तो जनता के मुद्दे कैसे उठेंगे? सरकार जनता की समस्याओं पर चर्चा करना चाहती है, लेकिन विपक्ष अड़ियल रवैया अपना रहा है। वहीं कांग्रेस विधायक बलवान दौलतपुरिया ने पलटवार किया।
कांग्रेस का विरोध जनता की आवाज
प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। सरकार सिर्फ़ आंकड़ों और बहानों से जनता को गुमराह कर रही है। कांग्रेस का विरोध जनता की आवाज है। 26 अगस्त को होगी बहस, 27 तक चलेगा सत्र लंबी बहस और गतिरोध के बाद आखिरकार स्पीकर ने कांग्रेस की मांग मानते हुए 26 अगस्त को कानून व्यवस्था और मनीषा कांड पर चर्चा कराने की घोषणा कर दी। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने पहले ही निर्णय लिया है कि मानसून सत्र 27 अगस्त तक चलेगा। 23 और 24 अगस्त को सदन की कार्यवाही अवकाश पर रहेगी।
स्पीकर की अपील : नशे के खिलाफ साइकिल पर आएं विधायक
स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने नशे के खिलाफ संदेश देने के लिए सभी विधायकों से 26 अगस्त को विधानसभा में साइकिल से आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा नशा राष्ट्रीय समस्या बन चुकी है। हमें समाज को एक सकारात्मक संदेश देना होगा। साथ ही उन्होंने विधानसभा में पार्किंग की दिक्कतों का जिक्र करते हुए विधायकों से अपने वाहनों को परिसर के बाहर पार्क करने की अपील भी की।
स्पीकर ने बताया कि 25 अगस्त को विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे से होगी, जबकि 26 और 27 अगस्त को कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू होगी। आखिरकार सरकार ने माना विपक्ष का प्रस्ताव लगातार दबाव और गतिरोध के बाद सरकार को पीछे हटना पड़ा। स्पीकर ने ऐलान किया कि कांग्रेस का काम रोको प्रस्ताव मंजूर किया जाता है और 26 अगस्त को इस मुद्दे पर चर्चा कराई जाएगी। इस फैसले के बाद ही सदन की कार्यवाही सामान्य ढंग से आगे बढ़ पाई।
बिना नेता विपक्ष के चौथी बार कांग्रेस सदन में
इस सत्र की एक और बड़ी बात यह रही कि कांग्रेस के 37 विधायक लगातार चौथी बार बिना नेता विपक्ष के सदन में पहुंचे। कांग्रेस हाईकमान अब तक नेता विपक्ष का फैसला नहीं कर पाया है। इस पर गृहमंत्री अनिल विज ने तंज कसा - कांग्रेस में अब निर्णय लेने की क्षमता ही नहीं बची है। इसके इलावा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने भी हुड़ा को कहा कि बिना नेता विपक्ष के भी हम आपको नेता विपक्ष मानते हैं।
सीएम सैनी का पलटवार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा—हमारे युवा साथी शायद भूल गए हैं कि उनके समय में कैसी घटनाएं होती थीं। उस दौर में तो एफआईआर तक दर्ज नहीं होती थी। आज वे ही हमसे सवाल पूछ रहे हैं। सीएम के इस बयान पर कांग्रेस विधायकों ने एक बार फिर सदन में शोर-शराबा शुरू कर दिया। सदन के बाहर एक दूसरे पर हमला सदन से बाहर आते ही कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा प्रदेश में हर चौथे दिन हत्या की वारदात हो रही है।
सीएम जांच के आदेश देकर अपना पल्ला झाड़ लेते है, लेकिन हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे। हमारी काम रोको प्रस्ताव की मांग बिल्कुल जायज है। जब तक इस पर चर्चा नहीं होती, कांग्रेस सदन नहीं चलने देगी। कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा ने कांग्रेस के रवैये को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा यदि कार्यवाही बाधित होगी तो जनता की समस्याओं पर चर्चा कैसे होगी? भिवानी कांड में पुलिस ने कार्रवाई की है और सीबीआई भी जांच कर रही है। जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
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