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The Haryana Story | कुमारी सैलजा बोलीं - 5 साल तक अब 'मेरी जिम्मेवारी' गांवों के विकास के लिए करेंगे बेहतर प्रयास, कोई शिकायत हो तो मुझे बताएं

कुमारी सैलजा बोलीं - 5 साल तक अब 'मेरी जिम्मेवारी' गांवों के विकास के लिए करेंगे बेहतर प्रयास, कोई शिकायत हो तो मुझे बताएं

जनता के मुद्दों की लड़ाई लड़ने के लिए आवाज बुलंद करती रहेगी कांग्रेस : कुमारी सैलजा

सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, उतराखंड कांग्रेस की प्रभारी एवं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने शुक्रवार को सिरसा संसदीय क्षेत्र के गांव साहुवाला प्रथम से अपना धन्यवादी दौरा आरंभ किया। इस दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हम 36 बिरादरी को साथ लेकर चलने की सोच के साथ आगे बढ़ते हैं। आज देश भी में राहुल गांधी लोगों की आवाज को बुलंद कर रहे हैं। ऐसे में हम सबको एकजुट होकर अपने मुद्दों की लड़ाई लड़नी चाहिए ताकि सरकार को जगाया जा सके। हमें विकास कार्यों के लिए जागरूक होना पड़ेगा।

लोकतंत्र को बचाने के लिए हमें आवाज को बुलंद करना होगा

कुमारी सैलजा ने कहा कि आज लोकतंत्र को बचाने के लिए हमें आवाज को बुलंद करना होगा। हमें बाबा साहब के संविधान से वोट का अधिकार मिला है इसको किसी हालत में खोने नहीं देना है। अगर ऐसा होता है तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। आपकी आवाज को कोई बुलंद नहीं कर सकेगा। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि जनता से जुड़े सभी मुद्दों पर एकजुट होकर सरकार के सामने सवाल उठाना हमारा फर्ज है। इस दौरे मात्र को मैं धन्यवादी दौरा नहीं मानती क्योंकि आप लोगों ने जो मेरे पिता चौ. दलबीर सिंह को जो साथ दिया और उसके बाद मुझे आप लंबे समय से जो आशीर्वाद देते आ रहे हैं ऐसे में मैं हमेशा आप का धन्यवाद करती रहूंगी और आपकी आवाज को बुलंद करती रहूंगी। 

गांवों के विकास के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगी

कुमारी सैलजा ने कहा कि गांवों के विकास के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि हमारी पुरी जिम्मेवारी बनती है कि हम आपकी बात को सुनें और उसके बाद उसका हल करवाने के लिए प्रयास करें। क्योंकि आप ने हमें अपनी बात को रखने के लिए चुना है। ऐसे में चुने हुए जन प्रतिनिधि को अपनी जिम्मेवारी से कभी मुंह नहीं फेरना चाहिए। लोगों के काम करके सेवाभाव से राजनीति करना ही हमारा मकसद है। आज देश व प्रदेश में जो हालात बने हुए हैं ऐसे में लोग बदलाव चाहते हैं। जिसका उदाहरण बिहार से ले सकते हैं, वहां राहुल गांधी के कार्यक्रमों में जन सैलाब उमड़ रहा है।

लोगों को राहुल गांधी एक आशा की किरण के रूप में नजर आ रहे

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि लोगों को राहुल गांधी एक आशा की किरण के रूप में नजर आ रहे हैं। हमें कभी भी हताश नहीं होना चाहिए, चाहे वह व्यक्तिगत जीवन की बात हो या फिर राजनीति की। इस बार सरकार नहीं बनी तो आगे के लिए प्रयास करने चाहिए। हम और बेहतर काम करेंगे ताकि आगामी समय में कांग्रेस की सरकार बन सके ताकि लोगों के काम हो सकें। इस अवसर पर गांव साहुवाला में नेशनल हाईवे पर अंडर ब्रिज पास करवाने में सांसद कुमारी सैलजा द्वारा किए गए प्रयासों को लेकर ग्रामीणों ने उनका धन्यवाद किया। मंच का संचालन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य संदीप नेहरा ने किया। 

लोगों ने अपनी समस्याएं भी बताई जिन पर सांसद कुमारी सैलजा ने गौर फरमाते हुए आश्वासन दिया

इस दौरान कांग्रेस की जिला प्रधान संतोष बैनीवाल व महिला कांग्रेस की प्रधान कृष्णा फोगाट ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान लोगों ने अपनी समस्याएं भी बताई जिन पर सांसद कुमारी सैलजा ने गौर फरमाते हुए आश्वासन दिया। इस अवसर पर पुष्पा महंत, एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल, सही राम सहारण, पाला राम गोदारा, जग्गा बराड़, मलागर सिंह, गुरभेज सरपंच, डॉ. वाई. के चौधरी, प्रो. आरसी लिंबा, जीत राम बिरड़ा, चंद्रभान, जयपाल लाली सहित अनेक नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसके बाद सांसद कुमारी सैलजा ने रानियां हलका के गांव खारियां, चक्कां, मम्मड़ खेड़ा, ढुडियांवाली, जीवन नगर (पेट्रोल पंप), नकौड़ा व रानियां में जनसभाओं को संबोधित किया। 

आयात शुल्क जीरो करने से कपास उत्पादक किसानों का बेड़ा गर्क होना तय 

सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि वाशिंगटन द्वारा भारतीय कपड़ा निर्यात पर 50, प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद अमेरिकी दबाव के आगे झुककर, मोदी सरकार ने भारतीय कपास किसानों को दंडित करने का विकल्प चुना है जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की सबसे कमजोर कड़ी है। प्रधानमंत्री पर दोहरी बात करने का आरोप लगाते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि जिन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में घोषणा की थी कि वह किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ दीवार की तरह खड़े रहेंगे, लेकिन कुछ ही दिनों बाद आयात शुल्क को खत्म कर दिया। सैलजा ने कहा कि अब माना जा रहा है कि भारत सरकार का यह फैसला अमेरिका को खुश करे की कवायद है। सरकार के इस फैसले से देश में कपास की खेती करने वाले किसानों का बेड़ा गर्क होना तय है।

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