हरियाणा के सीनियर आईपीएस अफसर वाई पूरन कुमार के मामले में पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार इस मामले की पूरी जांच कराएगी। दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा। अगर किसी व्यक्ति को कोई तंग करेगा तो सरकार उसे नहीं छोड़ेगी। गौरतलब है कि पोस्टमार्टम को लेकर शनिवार को भी विवाद बना रहा। सुबह उनके शव को सेक्टर 16 से पीजीआई ले जाया गया जिसके बाद ही विवाद शुरू हो गया। परिवार का कोई भी सदस्य इस अवसर पर नहीं पहुंचा और आरोप लगाया कि उनकी अनुमति के बिना ही शव ले जाया गया है।
हाई लेवल मीटिंग सीएम के नेतृत्व में काफी देर चली
परिवार की मांग है कि दोनों मुख्य आरोपियों को तुंरत गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद हरियाणा सरकार ने एक्शन लेते हुए रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया को हटाकर उनके स्थान पर सुरेंद्र भौरिया को लगा दिया जिन्होंने तुरंत ही ज्वाइन भी कर लिया। इसके बाद कयास लगते रहे कि जल्द ही डीजीपी शत्रुजीत कपूर को भी हटाया जा रहा है। इसके लिए बाकायदा पूर्व निर्धारित कैबिनेट की बैठक तक को टाला गया और हाई लेवल मीटिंग सीएम के नेतृत्व में काफी देर चली। सीएम नायब सैनी ने मंत्रियों के साथ केस को लेकर मीटिंग की, जिसमें डीजीपी शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजने की प्रस्ताव रखा गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि डीजीपी शत्रुजीत कपूर को लंबी छुट्टी पर भेजा जाएगा
शाम को डीजीपी प्रमोट हुए आलोक मित्तल को सीएम नायब सैनी ने बुलाया तो कुछ देर बाद उनकी मुलाकात सीएम के सीपीएस आरके खुल्लर से भी हुई। माना जा रहा है कि इस पूरी बैठक में निर्णय लिया गया कि डीजीपी शत्रुजीत कपूर को लंबी छुट्टी पर भेजा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव को लेकर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी और कृष्णलाल पंवार तथा सीपीएस आरके खुल्लर आईपीएस वाई पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार और परिवार से मिलने पहुंचे। उम्मीद की जा रही थी कि अगर परिवार प्रस्ताव पर सहमत हुआ तो उसके बाद आईपीएस के शव का पोस्टमॉर्टम हो सकता है।
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