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The Haryana Story | ऊर्जा सुरक्षा आज विश्व के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक : मनोहर लाल

ऊर्जा सुरक्षा आज विश्व के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक : मनोहर लाल

केंद्रीय मंत्री बोले - अब भारत ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा

भारत ने विद्युत उत्पादन क्षमता का 50 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों के लक्ष्य को हासिल कर लिया गया है। अब भारत ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही, भारत ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का भी लक्ष्य तय किया है। वैश्विक मंच पर भारत की ऊर्जा क्रांति और हरित विकास मॉडल को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने दक्षिणी अफ्रीका में आयोजित जी-20 ऊर्जा परिवर्तन मंत्री स्तरीय बैठक में प्रस्तुत किया।

जी-20 देशों को आपसी सहयोग और जिम्मेदारी की भावना से कार्य करना होगा

भारत की ओर से केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने दक्षिणी अफ्रीका के क्वाजुलु नटाल प्रांत के डर्बन शहर में आयोजित जी-20 ऊर्जा परिवर्तन मंत्री स्तरीय बैठक में देश की स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास में अग्रणी भूमिका को प्रस्तुत करते हुए कहा कि ऊर्जा सुरक्षा आज विश्व के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों के लिए है। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिरता, सतत विकास और ऊर्जा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जी-20 देशों को आपसी सहयोग और जिम्मेदारी की भावना से कार्य करना होगा। 

32 देश और 14 अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल

मनोहर लाल ने आगामी भारत ऊर्जा मंथन-ए ग्लोबल एनर्जी कॉन्क्लेव, जो मार्च 2026 में नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने भारत के बायोफ्यूल कार्यक्रम की सफलता बारे अवगत कराते हुए स्पष्ट किया कि देश ने 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। भारत आज ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस का नेतृत्व कर रहा है, जिसमें 32 देश और 14 अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हैं।

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