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The Haryana Story | भूमिगत जल से फैल रही बीमारियों को लेकर सैलजा द्वारा 'सीएम' को लिखे पत्र पर जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री का पलटवार

भूमिगत जल से फैल रही बीमारियों को लेकर सैलजा द्वारा 'सीएम' को लिखे पत्र पर जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री का पलटवार

सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने भूमिगत जल की गुणवत्ता और फैल रहे रोगों को लेकर लिखा था पत्र, मंत्री ने कहा है कि पेयजल और सीवरेज सिस्टम की मजबूती के लिए दो योजनाएं चल रही हैं

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने रानियां विधानसभा क्षेत्र के अधिकतर गांवों में भूमिगत जल की आपूर्ति के चलते फैल रहेे कैंसर और अन्य रोगों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सभी गांवों में नहरी पानी की आपूर्ति का अनुरोध किया था, इसके जवाब में जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा है कि हर गांव में नहरी पानी पहुंचाने की योजना है और रानियां शहर में पेयजल और सीवरेज सिस्टम की मजबूती के लिए दो योजनाएं चल रही है जिनकी अनुमानित लागत 6266.97 लाख रुपये है जिसके तहत 125. 35 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है।

मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि उनके पत्र के जवाब में जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा है कि रनियां विधानसभा क्षेत्र में 72 गांव और 25 ढाणियां है, इन गांवों को 48 नहर आधारित जलापूर्ति योजनाओं और 38 टयूबवेल आधारित जलापूर्ति योजनाओं के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जिनमें से 35 टयूबवेल आधारित जलापूर्ति योजनाएं अब तक संबधित ग्राम पंचायतों को सौंप दी गई है। 53 गांवों में से 07 बूस्टिंग स्टेशनों के साथ 08 नहर आधारित जलापूर्ति योजनाओं में काम प्रगति पर है। पत्र में कहा गया है कि रानियां विधानसभा क्षेत्र के गांवों में पेयजल की कोई कमी नहीं है 29 गांवों में पेयजल आपूर्ति सुधार के लिए 32 कार्य प्रगति पर है जिनकी अनुमानित लागत 11663. 27 लाख रुपये है और अब तक 5172.55 लाख रुपये का संचयी व्यव किया जा चुका है।

रानियां शहर की जलापूर्ति को लेकर मंत्री की ओर से पत्र में कहा गया है कि इस शहर में पीने का पानी 17 टयूबवेल के माध्यम से सप्लाई किया जा रहा है। रानियां शहर में पेयजल और सीवरेज को मजबूती प्रदान करने के लिए दो योजनाएं चल रही है जिनकी अनुमानित लागत 6266.97 लाख रुपये है जिसके तहत 125. 35 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। गांव संतनगर और दलीप नगर में नहरी आधारित जलघर बनाने का कार्य प्रगति पर है। जिनकी अनुमानित लागत 1261.17 लाख रुपये है, यह कार्य पूरा होते ही नहर आधारित जलापूत्रि 70 लीटर प्रति व्यक्ति दी जाएगी। मंत्री ने पत्र में लिखा है कि पानी की गुणवत्ता के लिए समय-समय पर पानी की जांच करवाई जाती है।

सांसद सैलजा ने क्षेत्र के छह गांवों शहींदावाली, नटार, सलारपुर, बेगू, रंगडीखेडा,चौबुर्जा और उनके साथ लगती ढाणियाों में भूमिगत जल की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए थे जिनके जवाब में मंत्री ने सैलजा को लिखे पत्र में कहा है कि शहींदावाली, नटार, सलारपुर, भंभूर और अलानूर में टयूबवेल आधारित जलापूर्ति दी जा रही हैै जबकि बेगू में बनमंदोरी डिस्ट्री ब्यूटरी और आरडी-47000 एल से नहर और टयूबवेल आधारित, रंगडीखेडा में शेरांवाली डिस्ट्रीब्यूटरी और आरडी-66000 आर के माध्यम से, गांव चौबुर्जा में न्यू शहीदांवाली माइनर और आरडी- 11600 आर के माध्यम से नहर आधारित जल की आपूर्ति की जा रही है।

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