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The Haryana Story | ब्रह्म सरोवर पर आयोजित किया जाएगा राज्य स्तरीय छठ महोत्सव, सीएम सैनी बतौर मुख्यातिथि करेंगे शिरकत

ब्रह्म सरोवर पर आयोजित किया जाएगा राज्य स्तरीय छठ महोत्सव, सीएम सैनी बतौर मुख्यातिथि करेंगे शिरकत

पूर्वांचल समाज महासभा हरियाणा के प्रधान संतोष पासवान ने बताया कि पूर्वांचल समाज का सबसे बड़ा त्यौहार छठ पूजा पहले दिन शनिवार को नहाए खाए से शुरू हो चुका

पूर्वांचल समाज महासभा हरियाणा के तत्वाधान में राज्य स्तरीय छठ महोत्सव 27 अक्तूबर को ब्रह्म सरोवर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। जानकारी देते हुए पूर्वांचल समाज महासभा हरियाणा के प्रधान संतोष पासवान ने बताया कि पूर्वांचल समाज का सबसे बड़ा त्यौहार छठ पूजा पहले दिन शनिवार को नहाए खाए से शुरू हो चुका है। दूसरा दिन, रविवार 26 अक्तूबर को लोहंडा और खरना होगा। तीसरा दिन, सोमवार 26 अक्तूबर को संध्या काल में सूर्य अर्ध्य किया जाएगा और मंगलवार, 28 अक्तूबर को उषा अर्ध्य व पारण के साथ छठ पर्व सम्पन्न होगा। पासवान ने बताया कि छठ महोत्सव 2025 की तैयारियों को लेकर संस्था के सदस्यों को जिम्मेदारियां प्रदान की गयी हैं।

विशाल भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विशाल भंडारे का प्रबंध किया जायेगा

प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के लिए विशाल भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विशाल भंडारे का प्रबंध किया जायेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में होगा। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बतौर होंगे जबकि सांसद नवीन जिंदल बतौर अति विशिष्ट अतिथि शिरकत करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्य मंत्री सुभाष सुधा द्वारा की जाएगी। साथ ही वरिष्ठ भाजपा नेता जय भगवान शर्मा डीडी, सुभाष कलसाना, चेयरमैन धर्मवीर मिजार्पुर, भाजपा जिलाध्यक्ष तेजिंदर पाल सिंह, जिला परिषद के वाइस चेयरमैन धर्मपाल चौधरी, भाजपा हरियाणा के प्रदेश सचिव राहुल राणा, सुरेश सैनी और दिलावर सैनी आदि विशिष्ट अतिथि होंगे। कार्यक्रम में प्रसिद्ध भोजपुरी गायिका काव्या कृष्णमूर्ति, सोनी साहनी, गायक रंगीला भारती और राजेश परदेसी मंच पर सांस्कृतिक छटा बिखेरेंगे।

साफ सफाई व ब्रह्मसरोवर में उचित जल व्यवस्था का जायजा लिया

इस आयोजन में सम्पूर्ण हरियाणा प्रदेश के एक लाख श्रद्धालु आने की संभावना व्यक्त की जा रही है जिसके लिए जिला प्रशासन और पूर्वांचल समाज महासभा हरियाणा ने भव्य स्तर पर व्यापक प्रबन्ध किए हैं। संस्था के पदाधिकारियों ने पूजा स्थल व ब्रह्मसरोवर के घाटों पर जाकर साफ सफाई व ब्रह्मसरोवर में उचित जल व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान वरिष्ठ उप प्रधान अनिल शास्त्री वेदाचार्य, उप प्रधान अवधेश राय किशोर, महासचिव राजीव राय, कोषाध्यक्ष देवेन्द्र यादव, लाल बहादुर कुशवाहा, अर्जुन पासवान, दलीप राय, रंगनाथ तिवारी, कपालेश्वर टुनटुन, सुशील पोदार, श्याम भगत, रामविलास पासवान, ओम प्रकाश भगत और विजय यादव सहित करनाल, कैथल, तरावड़ी, नीलोखेड़ी, ढांड, पूंडरी, चीका, लाडवा, शाहाबाद, बराड़ा, अम्बाला, पंचकूला, पानीपत और कोहण्ड आदि स्थानों के सदस्य शामिल रहे। ये महत्ता है छठ पूजा की -छठ पूजा केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह लोक आस्था, शुद्धि, और प्रकृति के प्रति समर्पण का एक महापर्व है। 

भारतीय संस्कृति की अनूठी पहचान

यह भारतीय संस्कृति की अनूठी पहचान है, जो सादगी, पवित्रता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देती है। ?छठ पर्व का केंद्र बिंदु सूर्य देव हैं, जिन्हें प्रत्यक्ष देवता माना जाता है। सूर्य ऊर्जा, स्वास्थ्य और जीवन शक्ति के प्रतीक हैं। इस पूजा के माध्यम से व्रती सूर्य देव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिनकी कृपा से ही पृथ्वी पर जीवन संभव है। इसके साथ ही, छठी मैया की पूजा भी की जाती है, जिन्हें ब्रह्मा जी की मानस पुत्री या प्रकृति का छठा अंश माना जाता है। 

मान्यता है कि छठी मैया संतान की रक्षा करती हैं और उन्हें दीघार्यु प्रदान करती हैं। यही कारण है कि यह व्रत संतान प्राप्ति और उनकी मंगल कामना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस पर्व की सबसे खास बात इसकी सादगी और पवित्रता है। पूजा में उपयोग होने वाली वस्तुएं, प्रसाद और अनुष्ठान अत्यधिक पवित्रता और स्वच्छता के साथ किए जाते हैं। प्रसाद मुख्य रूप से गेहूं, चावल और गुड़ से बनाया जाता है, जिसमें सबसे प्रमुख ठेकुआ है। यह पर्व दिखावे से दूर, प्रकृति के नजदीक, नदी या जल स्रोतों के किनारे मनाया जाता है। 

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