करनाल में मासिक जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक शुक्रवार को पंचायत भवन में आयोजित की गई। बैठक लेने के लिए मंत्री रणबीर गंगवा करनाल पहुंचे जिन्होंने लोगों की समस्याएं सुनी। मीटिंग में 13 शिकायतें रखी गई थी जिनमें से 8 का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया है जबकि 5 शिकायतों को आगे की मीटिंग के लिए रखा गया है। उनकी रिपोर्ट मांगी गई है रिपोर्ट के आधार पर ही आगे उनका निपटारा होगा। मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि हमने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं कि अगर कुछ छोटी-मोटी शिकायत है तो उसका निपटारा अधिकारी अपने स्तर पर ही करें।
राइस मिल धान घोटाले पर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार है जिसमें भ्रष्टाचार का कोई भी स्थान नहीं है अगर कोई भी इस प्रकार भ्रष्टाचार करता है तो उसके खिलाफ नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जब उनसे सवाल किया गया कि धान घोटाले में करीब 425 करोड रुपए के गबन की बात आ रही है जिसमें बड़े अधिकारी और विधायक पर आरोप लगाया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोप तो कोई भी लगा सकता है लेकिन जो चीज सामने आई है उसकी जांच होगी। उसके बाद ही इसका निष्कर्ष निकलता है। अगर कोई इसमें दोषी पाया जाता है तो हमारी सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करती है। डोंकी से अमेरिका गए और रिपोर्ट होकर वापस आए युवकों पर उन्होंने बोला कि हरियाणा विधानसभा में हमने इसके लिए एक्ट भी बनाया है और बिल भी पास किया है।
अगर कोई युवा बाहर जाना चाहता है तो नियम के अनुसार जाए। अगर कोई डंकी रूट से बाहर जाता है तो सभी देश के अपने कानून होते हैं वह उसे आधार पर कार्रवाई करते हैं। किसी के झांसे में आकर इस प्रकार से जाने का काम ना करें। जब उनसे सवाल किया गया की कुमारी शैलजा का कहना है कि सरकार कौन चला रहा है हिसाब ही नहीं है इस पर उन्होंने जवाब दिया कि वह कांग्रेस की बात करती होगी उनके सरकार सिर्फ ऊपर से चलती थी। भारतीय जनता पार्टी की सरकारी ट्रांसपेरेंसी से चल रही है। हम कहते हैं उसे पूरा करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि 90 वायदे घोषणा पत्र वाले इस साल हमारे पूरे हो जाएंगे। जो हम संकल्प पत्र में वायदे पूरा करते हैं उनका पूरा करने के बाद ही दूसरे चुनाव में दूसरे मुद्दों पर हम जाते हैं।
जब उन से सवाल किया गया कि किसानों का कहना है कि इस बार धान का उत्पादन कम हुआ है लेकिन अनाज मंडी में धान ज्यादा मात्रा में पहुंची है। इस पर उन्होंने कहा कि हमारे किसान पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण करते हैं और आप लोग जिस और इशारा कर रहे हैं अगर कोई ऐसी बात होती है या फिर शिकायत मिलती है। तो उनके खिलाफ पहले भी कार्रवाई होती रही है और आगे भी कार्रवाई होगी। भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर उन्होंने कहा कि जहां तक उनकी बात है वह लोग भी इस टाइप की बात कर रहे हैं उनके समय में किसानों को एक ₹2 का चेक देकर मजाक किया जाता था। उनकी सरकार 10 सालों तक प्रदेश के अंदर रही है। 1000 करोड रुपए उन्होंने किसानों को मुआवजा देने का काम किया है और हमारे सरकार ने पिछले 10 सालों में 15465 करोड रुपए का मुआवजा दिया है।
जो ला एवं ऑर्डर की बात है। सभी को याद है कि उनके सरकार के अंदर किस प्रकार के जुल्म होते थे। उस समय उनका क्राइम का ग्रेड बहुत था जिसमें आप कमी आई है। हमारी पुलिस उसके ऊपर कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राज् में लोगों को गांव से पलायन करके जाना पड़ता था। कष्ट निवारण समिति की बैठक में सांभली गांव के निवासी बलराज शर्मा ने गंभीर आरोप लगाए कि ग्राम पंचायत सांभली की सरपंच किरणपाल कौर, ग्राम सचिव और एक स्थानीय परिवार की मिलीभगत से बंजर गैर काश्त और गैर मुमकिन पंचायती जमीन को “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान गेहूं और धान की फसलों के नाम पर रजिस्टर्ड करवाया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया सरकारी नियमों की अवहेलना और आर्थिक लाभ के उद्देश्य से की गई।
उन्होंने कहा कि इस फर्जीवाड़े से सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उप कृषि निदेशक करनाल की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त निदेशक (भूमि संरक्षण), कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंचकूला को रिपोर्ट देने के लिए पत्र लिखा गया था। साथ ही नायब तहसीलदार निसिंग से मौका मुआयना रिपोर्ट भी मंगाई गई। निसिंग तहसीलदार की रिपोर्ट 28 अक्तूबर 2025 को प्राप्त हुई। जांच में यह पाया गया कि शिकायत राजस्व विभाग, पंचायत विभाग, कृषि विभाग और खाद्य विभाग से संबंधित है। इसलिए सभी विभागों के अधिकारियों की एक संयुक्त जांच कमेटी गठित करने की अनुशंसा की गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, मामले में दोनों पक्षों को कई बार (25 अगस्त, 8 सितंबर, 16 सितंबर, 24 सितंबर और 16 अक्तूबर) सुनवाई के लिए बुलाया गया, लेकिन प्रतिवादी पक्ष कार्यालय में उपस्थित नहीं हुआ। केवल दूरभाष पर ही उन्होंने शिकायतकर्ता की बकाया राशि लौटाने का आश्वासन दिया।
अब अगली सुनवाई 4 नवंबर 2025 को तय की गई है। बैठक में करनाल निवासी कबीर सचदेवा ने शिकायत की कि आर.के. पुरम स्थित कमल पब्लिक स्कूल दो मकानों में अवैध रूप से चलाया जा रहा है। एक मकान पर स्कूल का बोर्ड लगा है, जबकि दूसरा रिहायशी मकान बिना किसी पहचान के स्कूल के रूप में संचालित हो रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, बच्चों से अवैध फीस वसूली जा रही है और स्कूल में न तो सुरक्षा मानक हैं और न ही किसी बोर्ड की मान्यता स्पष्ट है। जिला शिक्षा अधिकारी, करनाल की रिपोर्ट में पाया गया कि स्कूल के पास फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, बिल्डिंग फिटनेस और भवन का स्वीकृत नक्शा उपलब्ध नहीं है। कमेटी ने स्कूल को नोटिस जारी करते हुए 14 अक्टूबर तक दस्तावेज जमा करने को कहा था। स्कूल प्रबंधन ने 28 अक्तूबर को आवश्यक दस्तावेज व्हाट्सएप के माध्यम से बी.ई.ओ. करनाल को भेजने की जानकारी दी है।
अब शिक्षा अधिकारी ने इन दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। हरियाणा दिवस की शुभकामनाएं मंत्री ने प्रदेशवासियों को हरियाणा दिवस की शुभकामनाएं दीं। अस्तित्व में आने के बाद हरियाणा ने काफी प्रगति की है। मुख्यमंत्री प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करने के लिए हरियाणा का योगदान भी उल्लेखनीय रहेगा। एक अन्य प्रश्र पर कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना के तहत कल से पात्र महिलाओं को 21 सौ रुपये महिलाओं को दिए जाएंगे। हर पात्र महिला को रजिस्ट्रेशन कराकर योजना का फायदा उठाना चाहिए। इस मौके पर असंध के विधायक योगेंद्र राणा, उपायुक्त उत्तम सिंह, एसपी गंगाराम पूनिया, मेयर रेणुबाला गुप्ता, जिला भाजपा अध्यक्ष प्रवीण लाठर, सांसद प्रतिनिधि कविंद्र राणा और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
related
'डोंट डिजायर बट डिजर्व इट’ : विज बोले - मैं 2014 में 'सीनियर मोस्ट' था और अब भी 'सीनियर मोस्ट' हूं... लेकिन मैंने कभी कुछ नहीं चाहा
पांच साल पुराने मर्डर केस में विज का सख़्त रुख : जांच CBI को सौंपने की सिफारिश, पुलिस कर्मचारी के खिलाफ FIR के आदेश