दिसंबर के दूसरे हफ्ते में उत्तर-मध्य भारत भीषण ठंड, घने कोहरे और प्रदूषण तीनों के संयुक्त असर से जूझ रहा है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में पारा 0 से नीचे लुढ़ककर पानी जमाने लगा है। गंगा-सिंधु के मैदानी इलाकों में धुंध, नमी और जहरीली हवा ने लोगों का सांस लेना मुश्किल कर दिया है। दिल्ली में ठंड बढ़ने वाली है। उत्तर-पूर्व में सक्रिय उपोष्ण कटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम और 13 दिसंबर से आने वाले नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते देश के बड़े भू-भाग में मौसम और बदलने वाला है। उत्तर भारत के गंगा-सिंधु मैदानों में इस समय सर्दी, प्रदूषण, कोहरे और धुंध का मिला जुला प्रहार देखा जा रहा है।
सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में यह परत मोटी हो रही है जिससे दृश्यता घटने के साथ-साथ सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप तीन लागू दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 12 दिसंबर को शाम 4 बजे 349 दर्ज किया गया था जो रात के दौरान तेजी से बढ़ा और शनिवार सुबह 10 बजे 401 तक पहुंच गया। हवा की धीमी गति, स्थिर वायुमंडलीय स्थिति और प्रतिकूल मौसमीय कारकों के कारण प्रदूषण में बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए पूरे एनसीआर में जीआरएपी का चरण 3 लागू किया गया है। वायु गुणवत्ता के मौजूदा रुझान को देखते हुए और क्षेत्र में प्रदूषण की स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के उद्देश्य से सीएक्यूएम की जीआरएपी उप-समिति ने पूरे एनसीआर में जीआरएपी के चरण 3 के तहत निर्धारित सभी उपाय लागू करने का निर्णय लिया है। यह गंभीर वायु गुणवत्ता की श्रेणी (401-450) के अंतर्गत आता है।
13 दिनों के बाद अचानक से मौसम ने करवट ली
वहीं बात हरियाणा के मौसम की करें तो दिसम्बर माह के 13 दिनों के बाद अचानक से मौसम ने करवट ली और शनिवार सुबह लोगों को सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए, बल्कि धुंध का सामना करना पड़ा। सुबह के समय विजिबिलिटी सौ मीटर से भी कम रही। हालांकि मौसम विभाग ने धुंध को लेकर पहले ही येलो अलर्ट किया था जिसके तहत शनिवार को धुंध शुरू हुई। हालांकि दिन में थोड़ी देर के लिए धूप निकली लेकिन उसके बाद आसमान में बादलों की भी आवाजाही से धूप का असर अत्यधिक नहीं हो सका।
अब मौसम में तब्दीली होने के कारण फसलों में भी अब ग्रोथ बढ़ेगी
हीं पर धुंध की वजह से यातायात के साधनों की गति पर भी ब्रेक लग गया और धुंध में धीरे धीरे चले। वहीं पर धुंध के कारण पहले से बिगड़ रहा ट्रेनों का शैडयूल शनिवार को ओर बिगड़ गया, और लंबी दूरी ट्रेनों के साथ साथ लोकल ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से काफी लेट पहुंची। इससे यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से केवल सुबह और शाम के वक्त ही ठंड हो रही थी और दिन के समय तेज धूप खिल रही थी। जिससे तापमान कम नहीं हो रहा था। तापमान कम नहीं होने के कारण किसानों की चिंता भी हो रही थी कि फसलों में ठंड न होने के कारण वह ग्रोथ नहीं हो पा रही थी। अब मौसम में तब्दीली होने के कारण फसलों में भी अब ग्रोथ बढ़ेगी।
यातायात के साधनों पर लगा ब्रेक
पानीपत में सुबह धुंध के कारण यातायात के साधनों की गति पर ब्रेक लग गया। एक ओर जहां पर बसें लेट रही, वहीं पर ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से काफी लेट पहुंची। 64454 कुरुक्षेत्र से दिल्ली एमईएमयू अपने निर्धारित समय से 1 घंटा 43 मिनट लेट रही। 14507 फाजिल्का इंटरसिटी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 1 घंटा 19 मिनट की देरी से पानीपत पहुंची। 64533 दिल्ली से पानीपत 1 घंटा 57 मिनट की देरी से पहुंची। 20807 हीराकुंड एक्सप्रेस 51 मिनट लेट पहुंची। 18101 जम्मुतवी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 30 मिनट लेट पहुंची। 12311 नेताजी एक्सप्रेस 56 मिनट लेट रही। 11077 झेलम एक्सप्रेस 28 मिनट लेट पहुंची। ट्रेनें लेट होने के कारण यात्रियों को परेशानी का भी सामना करना पड़ा।
क्या कहते हैं मौसम विशेषज्ञ
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के मौसम वैज्ञानिक डा. मदन खीचड़ ने जारी बुलेटिन में बताया कि 15 या 16 दिसम्बर एक बार फिर उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना बन रही हैं। जिससे आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में स्थिरता बने रहने की संभावना है, जिससे राज्य में ठंड का असर रहेगा। वहीं पर अगले कुछ दिनों तक सुबह और रात के समय कोहरा बढऩे की संभावना है।
क्या प्रभाव रहेगा
फसलों पर धुंध के कारण तापमान में भी कमी आई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। वहीं पर कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि धुंध होने के कारण गेहूं की फसलों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। वहीं पर ठंड होने के कारण गेहूं की फसलों में ग्रोथ अच्छी होगी और उनमें फूटाव जल्द होगा।
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