जींद जिले के नरवाना में एक व्यापारी नरेश जैन की दुकान पर फायर करने व 50 लाख की फिरौती मांगने संबंधी मामले में एसपी कुलदीप सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि दो दिन पहले नरवाना में एक व्यापारी नरेश जैन की दुकान पर फायर कर व 50 लाख की फिरौती मांगी गई थी। एसपी ने बताया कि इस वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी अनूप इलाके में खौफ पैदा कर अपना नाम बड़े बदमाशों की सूची में शामिल करना चाहता था। अनूप का मकसद केवल अपराध करना नहीं, बल्कि अपराध की दुनिया में अपनी "दहशत" कायम करना था, ताकि लोग उससे डरें और उसका नाम गैंगस्टरों के साथ जोड़ा जाए।बता दें कि जींद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके पास से हथियार भी बरामद किए थे। एसपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अनूप के पास से असलहा भी बरामद
ऐसे किया आरोपी अनूप को गिरफ्तार एसपी कुलदीप सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि दो दिन पहले नरवाना में एक व्यापारी नरेश जैन की दुकान पर फायर कर व पर्ची देकर 50 लाख की फिरौती मांगी गई थी। इस घटना ने आसपास क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। इस घटना से लगा कि अपराधी खुले में सड़क पर आ गए हैं। जिस पर उन्होंने सीआईए को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द बदमाशों को गिरफ्तार किया जाए। साथ में एसएचओ सिटी को भी निर्देश दिए थे। तुरंत इस मामले में बेस्ट टीम का गठन किया गया। उन्होंने अपना काम डिवाइड करते हुए तकनीक से इनपुट लेते हुए, खुफिया तंत्र की हेल्प से पता चलाया कि इनके कौन से प्रदेशों में जा सकते हैं कि जानकारी जुटाते हुए लगातार काम जारी रखा।
इसी कार्रवाई के तहत मंगलवार को सीआईए नरवाना टीम ने बड़ी बहादुरी से मुख्य आरोपी अनूप को राउंडअप किया है। बाकायदा अनूप ने पुलिस टीम पर तीन गोलियां चलाई। एक गोली सीआईए इंचार्ज सुखदेव को लगी लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट पहना हुआ था। जिससे वो बच गए। अनूप के पास से असलहा भी बरामद हुआ है। इनके जो साथी थे, उन्हें एसएचओ नरवाना की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में दो ही लोग सामने थे। दोनों को राउंडअप कर लिया है।
अनूप पर सात मामले दर्ज
एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि इसमें जो मुख्य आरोपी अनूप जिसने फायर किया है, उस पर कुल मिला कर सात मामले दर्ज हैं। पहले उस पर पांच मामले दर्ज थे। अब उस पर दो और मामले दर्ज किए हैं। यह किसी गैंग से नही मिले हैं। अब तक की पूछताछ में सामने आ रहा है कि ये लोग डर का माहौल बना कर अपना नाम बदमाशी के मामले में चमकाना चाहते थे और अपनी गैंग बनाना चाहते थे। हिसार, जींद में अनूप पर हत्या का प्रयास, स्नैचिंग के पांच मामले दर्ज थे। अनूप बेलरखां का रहने वाला है। जो दूसरा आरोपित गौरव है वो भी नरवाना का रहने वाला है लेकिन उसका जिला दूसरा है। प्वाइंट टू थ्री बोर की गोलियां चलाई गई। इसमें खाली खोल और आठ जिंदा कारतूस मिले हैं और दूसरा प्वाइंट थ्री वन फाइव फोर है। अनूप के अलावा दो अपराधी हैं। मामले की जांच करवाई जा रही है। हो सकता है कि इस मामले में और भी अपराधी हों। सभी एंगल पर मामले की जांच की जा रही है।
अभियान से पुलिस की इमेज में काफी फर्क आया
एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि जांच में सामने आ रहा है कि एक व्यक्ति जेल में भी है। जिसके साथ पहले यह मामलों में मिले रहे हैं। यह पता किया जा रहा है कि इस मामले में उसका हाथ तो नहीं है। अनूप 12वीं पास है। एसपी ने बताया कि ऑपरेशन ट्रक डाउन के तहत 70 में से 69 अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक अपराधी अमित बचा है, उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अभियान से पुलिस की इमेज में काफी फर्क आया है। जहां जरूरत है वहां सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं। घायल अनूप को अभी राउंडअप रखा हुआ है। जैसे ही वह ठीक होता है तो उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा। अनूप गुजर कर अन्य अपराध को अंजाम देने के लिए जा रहा था। जैसे ही पुलिस को सूचना मिली तो अनूप को मौके से ही पकड़ लिया गया। अनूप तथा उसके साथी दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था। गौरव से कुछ नहीं मिला है।
एक नज़र मामले पर
रविवार को दिन दहाड़े नरवाना में व्यापारी नरेश जैन की दुकान पर एक युवक ने आकर पहले पर्ची दी और फिर फायर किया। पर्ची में पचास लाख की चौथ राशि मांगी गई थी। चौथ राशि न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। घटना के बाद से व्यापारियों में भय का माहौल था। खुद मंत्री कृष्ण बेदी ने घटनास्थल पर पहुंच कर बदमाशों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को नरवाना सीआईए प्रभारी सुखदेव सिंह को सूचना मिली कि मुख्य आरोपित अनूप बेलरखां दातासिंह वाला बार्डर की तरफ बाइक पर जा रहा है। जिस पर पुलिस ने आरोपी अनूप बेलरखां को चारों तरफ से घेर लिया। अपने आपको चारों तरफ से घिरा देखकर अनूप बेलरखां ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। दोनों तरफ से गोलियां चली। इसमें दो गोली अनूप बेलरखां की दोनों टांगों पर लगी और वह वहीं गिर गया। एक गोली सीआईए प्रभारी सुखदेव को छाती में लगी लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण वह बच गए। पुलिस ने अनूप बेलरखां को गिरफ्तार कर लिया और नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया।
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