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The Haryana Story | हरियाणा पुलिस की उच्चस्तरीय मंथन बैठक आज, फील्ड स्तर के अनुभवों और बदलती सुरक्षा चुनौतियों पर होगी चर्चा

हरियाणा पुलिस की उच्चस्तरीय मंथन बैठक आज, फील्ड स्तर के अनुभवों और बदलती सुरक्षा चुनौतियों पर होगी चर्चा

बैठक में पिछले साल के प्राप्त अनुभवों, चुनौतियों और उपलब्धियों की व्यापक समीक्षा करते हुए 2026 के लिए अपराध नियंत्रण, खुफिया तंत्र और जनसंपर्क रणनीति का रोडमैप तैयार किया जाएगा

हरियाणा पुलिस वर्ष 2026 की अपराध नियंत्रण रणनीति, नीतिगत प्राथमिकताओं और संचार दृष्टिकोण को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से 28 दिसंबर यानि आज एक उच्चस्तरीय मंथन बैठक करने जा रही है। बता दें कि यह बैठक हरियाणा पुलिस अकादमी (एचपीए), मधुबन में आयोजित होगी। सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), हरियाणा ओपी सिंह करेंगे। वहीं बैठक में एडीजीपी, आईजी, पुलिस आयुक्त, रेंज डीआईजी तथा सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक भाग लेंगे।

फिरौती कॉल और ऑनर किलिंग जैसे मामलों पर विशेष मंथन होगा

वर्ष 2025 के दौरान प्राप्त अनुभवों, चुनौतियों और उपलब्धियों की व्यापक समीक्षा करते हुए 2026 के लिए अपराध नियंत्रण, खुफिया तंत्र और जनसंपर्क रणनीति का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इस मंथन सत्र में उभरती आपराधिक प्रवृत्तियों, फील्ड स्तर के अनुभवों और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के आधार पर व्यावहारिक एवं नवोन्मेषी रणनीतियों पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही चर्चा का केंद्र संगठित अपराध, नशा तस्करी, साइबर अपराध तथा प्रभावी जनसंवाद रहेगा ताकि पुलिसिंग को और अधिक प्रो-एक्टिव, इंटेलिजेंस आधारित और नागरिक केंद्रित बनाया जा सके। बैठक में हाल के समय में सामने आए फिरौती कॉल और ऑनर किलिंग जैसे मामलों पर विशेष मंथन होगा, विशेषकर उन मामलों पर जिनका संचालन जेलों या विदेशों से सोशल मीडिया व डिजिटल माध्यमों के जरिए किया जा रहा है। 

डिजिटल फॉरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा

इन नेटवर्क्स पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लक्षित निगरानी, सटीक खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान, जेल प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय तथा डिजिटल फॉरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। राज्य की मादक पदार्थ विरोधी मुहिम को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान के बीच वर्ष 2026 में संगठित ड्रग कार्टेल्स के समूल उन्मूलन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पंजाब, राजस्थान और दिल्ली से सटे सीमावर्ती जिलों में सक्रिय नेटवर्क की समीक्षा की जाएगी। 

साइबर पुलिसिंग को और अधिक सक्षम बनाने पर विशेष विचार होगा

एनसीबी, बीएसएफ तथा पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाने, ड्रोन आधारित निगरानी, सप्लाई-चेन ट्रैकिंग और तकनीकी विश्लेषण जैसे सफल प्रयोगों को साझा किया जाएगा। तेजी से बदलते डिजिटल अपराधों के मद्देनजर साइबर पुलिसिंग को और अधिक सक्षम बनाने पर विशेष विचार होगा। वर्ष 2025 में सामने आए सफल मामलों के अध्ययन के आधार पर साइबर थानों को सशक्त करने, एआई आधारित डाटा एनालिटिक्स अपनाने, जांच अधिकारियों के क्षमता-विकास तथा नागरिकों के लिए जागरूकता अभियानों और त्वरित शिकायत निवारण प्रणाली को और प्रभावी बनाने की योजना तैयार की जाएगी।

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