हरियाणा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने दिसंबर 2025 में भाजपा सरकार की भर्ती प्रक्रिया पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में बाहरी उम्मीदवारों का दबदबा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा की 70-80% सरकारी नौकरियां बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को दी जा रही हैं। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या हरियाणा के युवा इतने "अयोग्य" हो गए हैं कि उन्हें दरकिनार कर दूसरे राज्यों के लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने हाल ही में हुई हरियाणा पावर यूटिलिटीज की असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती का हवाला दिया, जिसमें चयनित 214 उम्मीदवारों में से 185 (लगभग 86%) हरियाणा से बाहर के थे। उन्होंने इस भर्ती को तुरंत रद्द करने की मांग की है।
सरकार पर निशाना
उन्होंने मांग की कि हरियाणा की नौकरियों में राज्य की सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक परिस्थितियों से संबंधित सवाल अनिवार्य किए जाएं ताकि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिल सके। उन्होंने दावा किया कि पटवारी, क्लर्क, सिविल जज और तकनीकी शिक्षा विभाग जैसे विभिन्न पदों पर भी बड़ी संख्या में बाहरी लोगों का चयन हो रहा है। उन्होंने नायब सिंह सैनी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि "बिना पर्ची, बिना खर्ची" जैसे नारे केवल युवाओं को गुमराह करने के लिए हैं, जबकि हकीकत में बेरोजगारी और हताशा बढ़ रही है। बता दें कि राव नरेंद्र सिंह को 29 सितंबर 2025 को उदय भान की जगह हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
युवाओं को अपने ही राज्य में दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने की साजिश
नियुक्ति के बाद से राव नरेंद्र जनहित के मुद्दों में लगातार सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने भाजपा सरकार की नौकरी भर्ती प्रक्रिया पर हमला करते हुए कहा कि क्या हरियाणा के युवा इतने अयोग्य हो गए हैं कि सरकार को 70-80% सरकारी नौकरियां बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को देनी पड़ रही हैं? यह हरियाणा के मेहनती युवाओं के हक पर सीधा हमला और उन्हें अपने ही राज्य में दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने की साजिश है। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार की सोची-समझी नीति के तहत ट्यूटर, पटवारी, क्लर्क, असिस्टेंट इंजीनियर, सिविल जज, एचसीएस, मेडिकल कॉलेज और तकनीकी शिक्षा विभाग की भर्तियों में बड़े पैमाने पर बाहरी उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है। हाल ही में असिस्टेंट इंजीनियर की भर्ती में 214 में से 185 पदों पर बाहरी उम्मीदवारों का चयन इसका प्रमाण है।
प्रदेश के मेधावी युवा विदेश जाकर मजदूरी करने को मजबूर
उन्होंने कहा कि 11 वर्षों से भाजपा सरकार ‘ना पर्ची, ना खर्ची’ जैसे नारों के जरिए युवाओं को गुमराह कर रही है। मनोहर लाल से लेकर नायब सैनी सरकार तक हरियाणा के युवाओं, विशेषकर सामान्य वर्ग को बेरोजगारी, पलायन और हताशा ही मिली है। आज हालात ऐसे हैं कि प्रदेश के मेधावी युवा विदेश जाकर मजदूरी करने को मजबूर हैं, जबकि प्रदेश की नौकरियां बाहरी लोगों को दी जा रही हैं। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा देश का शायद एकमात्र राज्य है जहां भर्ती परीक्षाओं में राज्य की संस्कृति, भाषा, सामाजिक-भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय समझ से जुड़े प्रश्नों की कोई अनिवार्यता नहीं है।
सरकार को न हरियाणा की पहचान से मतलब है और न ही यहां के युवाओं से
भाजपा सरकार को न हरियाणा की पहचान से मतलब है और न ही यहां के युवाओं से। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह नीति केवल सामान्य वर्ग ही नहीं, बल्कि आरक्षित वर्गों के युवाओं के रोजगार पर भी खतरा है। डोमिसाइल नियमों में बदलाव कर बाहरी लोगों को हरियाणा में बसाने और हरियाणवी युवाओं को अल्पसंख्यक बनाने की साजिश रची जा रही है। राव नरेंद्र सिंह ने मांग की कि हरियाणा पॉवर यूटिलिटीज में असिस्टेंट इंजीनियर की भर्ती को तुरंत रद किया जाए, भर्तियां हरियाणा की सामाजिक-सांस्कृतिक परिस्थितियों के अनुरूप हों और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।
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