साल 2026 की शुरूआत में पहले दिन 1 जनवरी को हरियाणा को सीनियर आईपीएस अजय सिंहल ने सीनियर पुलिस अधिकारियों व पूर्व डीजीपी की मौजूदगी में प्रदेश के 42वें डीजीपी के रूप में पदभार संभाला। नए डीजीपी के सामने कानून व्यवस्था और पुलिसिंग को बेहतर करने समेत तमाम बड़ी चुनौतियां और समस्याएं हैं जिनका निवारण उनको अपने कार्यकाल के दौरान करना है। हालांकि अजय सिंह ने अपनी तरफ से स्पष्ट कर दिया कि अपराधियों, गैंगस्टर और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने में कोई कसर या कोताही नहीं बरती जाएगी लेकिन ये किसी बड़ी चुनौती से कम भी नहीं है। अहम और रोचक पहलू ये भी है कि प्रदेश के 42वें डीजीपी के रूप में पदभार संभालने वाले अजय सिंघल आईपीएस अधिकारियों के 42वें बैच से ही हैं और इसी बैच से पूर्व डीजीपी ओपी सिंह और पूर्व डीजी जेल आलोक कुमार राय भी इसी बैच से हैं।
कानून-व्यवस्था एक बड़ी चुनौती
हरियाणा में कानून-व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जहां बढ़ती अपराध दर, खासकर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ता क्राइम, गैंगस्टर और संगठित गिरोहों की सक्रियता चिंता का विषय है, जिससे जनता में निंरतर असुरक्षा का भाव है और इन पहलुओं पर पुलिस को काम करने की तुरंत प्रभाव से आवश्यकता है। बेशक कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस अलग से विशेष अभियान चला रही है लेकिन फिलहाल तक नतीजे इतने फलदायी और उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे हैं। उपरोक्त के अलावा पुलिस के सामने बढ़ती साइबर अपराध की घटनाएं, नशा और नशीली दवाओं का पनपता कारोबार भी चिंता का विषय होने के साथ साथ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है। रेप, हत्या, बलात्कार, अपहरण, डकैती और फिरौती को लेकर अपराधों के आंकड़े चिंताजनक हैं जिसको लेकर विपक्षी दल विधानसभा के अंदर और बाहर सवाल खड़े कर रहे हैं।
कानून व्यवस्था को लेकर हरियाणा में स्थिति संतोषजनक नहीं
पुलिस विभाग के आंकडों से ही स्पष्ट है कि कानून व्यवस्था को लेकर हरियाणा में स्थिति संतोषजनक नहीं है जिसके चलते पुलिस को अतिरिक्त प्रयास और अपराधियों पर शिकंजा कसने की जरूरत है। विभागीय डाटा के अनुसार साल 2025 में प्रदेश में 904 मर्डर हुए, इस लिहाज से हर महीने औसतन 75 मर्डर हुए जो कि चिंतनीय है। इसके अलावा प्रदेश में पिछले साल 1025 रेप की घटनाएं रिपोर्ट हुए यानी कि हर महीने औसतन 85 और हर दिन 3 रेप की वारदात घटित हुई हैं। इसके अलावा हरियाणा में आईपीसी/बीएनएस और विशेष स्थानीय कानूनों के तहत कुल संज्ञेय अपराध 2025 में 1,27,850 जिनमें से आईपीसी/बीएनएस के अपराध अकेले 1,07,242 हो गए हैं। महिलाओं के साथ हिंसा व अपहरण, लूट, चोरी, छेड़छाड़, दहेज हत्या अपहरण और एससी/एसटी एक्ट के मामले भी निरंतर रिपोर्ट हुए हैं। हालांकि पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार साल 2024 की तुलना में साल 2025 में अपराध की घटनाओं में कमी दर्ज की गई है।
हरियाणा पुलिस पुख्ता तौर पर किसी तह में नहीं पहुंच पाई
पिछले कुछ साल में कई विपक्षी विधायकों के साथ साथ सत्ताधारी भाजपा विधायकों को भी विदेशों से ऑपरेट कर रहे गैंगस्टरों व गैंग से एक्सटोरशन को लेकर धमकी और जान से मारने की थ्रेैट कॉल आई हैं। साल 2022 में भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान तत्कालीन विधायकों सढ़ोरा की कांग्रेस विधायक रेणुबाला, सोनीपत के कांग्रेस विधायक सुरेंद्र पंवार, सोहना के भाजपा विधायक कंवर संजय सिंह, सफीदो के कांग्रेस विधायक सुभाष गांगोली, बादली से कुलदीप वत्स और फिरोजपुर झिरका के कांग्रेस विधायक मामन खान को धमकी भरे कॉल आई। इसके बाद भी विधायकों, व्यापारियों या अन्य को फिरौती और जान से मारने की धमकी मिलती रही है। अधिकतर विधायकों को दुबई से धमकी भरे फोन आए। उस समय से प्रदेश सरकार के पास जो प्राथमिक सूचना आई, उसके आधार पर यह फोन पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे लेकिन हरियाणा पुलिस पुख्ता तौर पर किसी तह में नहीं पहुंच पाई।
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