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The Haryana Story | कुरुक्षेत्र में चल रहे कांग्रेस के ट्रेनिंग कैंप में पहुंचे हुड्डा, जिला अध्यक्षों को दिए जरूरी निर्देश, जनता के बीच में लेकर जाने वाले 'मुद्दों' पर चर्चा

कुरुक्षेत्र में चल रहे कांग्रेस के ट्रेनिंग कैंप में पहुंचे हुड्डा, जिला अध्यक्षों को दिए जरूरी निर्देश, जनता के बीच में लेकर जाने वाले 'मुद्दों' पर चर्चा

उन्होंने जिला अध्यक्षों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए और आने वाली राजनीतिक लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया, हुड्डा ने बताया कि किन-किन मुद्दों को जनता के बीच में लेकर जाना है

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा कुरुक्षेत्र में चल रहे कांग्रेस के ट्रेनिंग कैंप को संबोधित करने पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने जिला अध्यक्षों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए और आने वाली राजनीतिक लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। हुड्डा ने बताया कि किन-किन मुद्दों को जनता के बीच में लेकर जाना है। बेरोजगारी, संगठित अपराध, नशा, पलायन, किसानों की अनदेखी, गरीब व एस सी -बी सी की अनदेखी जैसे मुद्दों पर बातचीत की। सेशन को संबोधित करने के बाद हुड्डा ने पत्रकार वार्ता को भी संबोधित किया।

इस योजना का लाभ लगभग 85 लाख महिलाओं को मिलना चाहिए था

इस मौके पर उन्होंने कहा कि बीजेपी द्वारा 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन आय की बजाए लागत को कई गुणा बढ़ा दिया गया। इसी तरह लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर महिलाओं के साथ इस सरकार ने धोखा किया गया है, क्योंकि चुनाव में सभी महिलाओं को 2100 रुपये मासिक देने का वादा किया गया था, लेकिन अब केवल चंद महिलाओं को ही यह राशि दी जा रही है। जबकि 2024-25 में हरियाणा में 2.13 करोड़ लोग बीपीएल श्रेणी में थे, यानी इस योजना का लाभ लगभग 85 लाख महिलाओं को मिलना चाहिए था। लेकिन वर्तमान में सरकार केवल 8 लाख महिलाओं को ही राशि देने की बात कर रही है। उसमें भी अब कहा जा रहा है कि महिलाओं को केवल 1100 रुपये मिलेंगे और 1000 रुपये जमा किए जाएंगे। इस पर भी आय की सीमा, बच्चों की शिक्षा तथा कुपोषण जैसी शर्तें थोप दी गई हैं। 

सरकार जानबूझकर ऐसी शर्तें लगा रही

सरकार जानबूझकर ऐसी शर्तें लगा रही है, जिससे ज्यादातर महिलाएं स्वत: लाभार्थी सूची से बाहर हो जाएं। चुनाव से पहले 1 करोड़ (लाभार्थी) लोगों के राशन कार्ड बनाना और चुनाव के बाद 70 लाख (लाभार्थियों) लोगों के बी पी एल राशन कार्ड काटना। उन्होंने मनरेगा में हुए बदलाव के खिलाफ प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी सरकार ने दलित, पिछड़े, गरीबों, ग्रामीणों और पंचायतों के अधिकारों पर कुठाराघात किया है। हरियाणा में 8 लाख से अधिक मनरेगा मजदूर पंजीकृत हैं। लेकिन 2024- 25 में सरकार ने सिर्फ 2100 परिवारों को ही 100 दिन का काम दिया। सरकार ने मजदूरों को ना को काम दिया और ना ही स्कीम में प्रावधान के तहत मुआवजा दिया। कांग्रेस सरकार द्वारा लाई गई मनरेगा योजना में केंद्र सरकार की जिम्मेदारी थी कि तमाम मजदूरों के लिए बजट जारी करे। लेकिन अब उस बजट को भी केंद्र व राज्यों के बीच में इस तरह बांटा है कि उसका निर्धारण ही मुश्किल हो जाए।

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