भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 12वें और सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के बाद, नितिन नबीन ने 20 जनवरी 2026 को अपने पहले संबोधन में राजनीति को एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता बताया। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि राजनीति कोई 'शॉर्टकट' या '100 मीटर की रेस' नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह एक 'लॉन्ग मैराथन' है, जहाँ सफलता के लिए स्पीड से अधिक स्टैमिना और धैर्य की परीक्षा होती है, मतलब कि राजनीति कोई शॉर्टकट नहीं है, यहां स्पीड का नहीं स्टेमिना का टेस्ट होता है।
पीएम मोदी की सेवा सभी के लिए प्रेरणादायी
गौरतलब है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन ने पहली बार पार्टी के कार्यकर्ताओं, नेताओं को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति बड़ा तब बनता है जब लोगों की भावनाओं से जुड़ता है। पीएम मोदी की सेवा सभी के लिए प्रेरणादायी है। वहीं पिछले कार्यकाल में जेपी नड्डा ने किस तरह संगठन को आगे बढ़ाया। कोरोना काल खंड में जब लोग घर में महफूज थे जब भी भाजपा अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि लोगों की सेवा कीजिए। उन्होंने कहा कि पार्टी के पूर्व सभी राष्ट्राध्यक्षों का स्मरण करता हूं, 2006 में जब पहली बार विधायक बना उस दौर से लेकर अब तक कैसे राजनाथ जी ने पार्टी को हमेशा कार्यकर्ताओं से जुड़कर काम किया. नितिन गडकरी ने कैसे पार्टी के मोर्चे और लक्ष्यों को पूरा करने का काम किया। सेवा की संस्कृति ही पार्टी का सिद्धांत है।
ये पल मेरे लिए संकल्प का क्षण
उन्होंने इस दौरान सभी नेताओं और वरिष्ठों को नमन किया और कार्यकर्ताओं से आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि नमन करता हूं उन लाखों कार्यकर्ताओं को जिन्होंने भारतमाता के लिए अपना बलिदान दिया, त्याग किया, उस भूमि से आता हूं जहां महात्मा बुद्ध, महावीर, जेपी, सम्राट अशोक समेत कई बड़े लोगों ने जन्म लिया. अपने माता-पिता और अपने क्षेत्र की जनता को प्रणाम करता हूं, ये पल मेरे लिए संकल्प का क्षण है, पार्टी के आदर्श, परंपराओं को कायम रखूं और इसे और आगे लेकर जाऊं।
बीजेपी का 'वाच टावर' (केंद्रीय नेतृत्व) बहुत मजबूत
नव नियुक्त युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यकर्ताओं से अपनी जड़ों को मजबूत करने और बूथ व मंडल स्तर पर निरंतर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि बीजेपी का 'वाच टावर' (केंद्रीय नेतृत्व) बहुत मजबूत है, जो हर कार्यकर्ता के परिश्रम पर पैनी नजर रखता है और उन्हें उचित मुकाम तक पहुँचाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 15 अगस्त 2024 के आह्वान का उल्लेख करते हुए उन्होंने गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले एक लाख युवाओं को राजनीति से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राजनीति से दूरी बनाना समाधान नहीं है, बल्कि सक्रिय भागीदारी ही रास्ता है।
राजनीति को 'सत्ता का माध्यम' नहीं बल्कि 'सेवा और संकल्प' का जरिया बताया
उन्होंने राजनीति को 'सत्ता का माध्यम' नहीं बल्कि 'सेवा और संकल्प' का जरिया बताया। अपने भाषण में उन्होंने राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 के खात्मे और 'विकसित भारत 2047' के संकल्प का भी जिक्र किया। बता दें कि नए अध्यक्ष के रूप में उन्होंने तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी के आगामी विधानसभा चुनावों को अपनी प्राथमिकता बताया और जनसांख्यिकीय बदलावों को एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि आगे चुनाव होना है पांच राज्यों में जहां डेमोग्राफी बदल रही है और इन्हीं चुनौतियों का सामना करते हुए हमें पांचों राज्यों में मजबूत ताकत बनकर आना है। उल्लेखनीय है कि 45 वर्षीय नितिन नबीन का चयन बीजेपी में एक पीढ़ीगत बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
related
'डोंट डिजायर बट डिजर्व इट’ : विज बोले - मैं 2014 में 'सीनियर मोस्ट' था और अब भी 'सीनियर मोस्ट' हूं... लेकिन मैंने कभी कुछ नहीं चाहा
पांच साल पुराने मर्डर केस में विज का सख़्त रुख : जांच CBI को सौंपने की सिफारिश, पुलिस कर्मचारी के खिलाफ FIR के आदेश