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The Haryana Story | नाथूसरी चौपटा की पंचायतों ने सांसद कुमारी सैलजा को सौंपा ज्ञापन, जोहड़-तालाब की भूमि के रिकॉर्ड दुरुस्त करने की मांग

नाथूसरी चौपटा की पंचायतों ने सांसद कुमारी सैलजा को सौंपा ज्ञापन, जोहड़-तालाब की भूमि के रिकॉर्ड दुरुस्त करने की मांग

सैलजा ने पंचायत प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि यह मुद्दा केवल राजस्व रिकॉर्ड का नहीं, बल्कि जल संरक्षण, ग्रामीण व्यवस्था और जनहित से जुड़ा हुआ है, वे स्वयं इस विषय को गंभीरता से उठा रही

सिरसा जिले के खंड नाथूसरी चौपटा के अंतर्गत आने वाली अनेक ग्राम पंचायतों ने अपने-अपने गांवों के जोहड़-तालाब की पंचायती भूमि से जुड़े राजस्व अभिलेखों में दर्ज स्थिति को लेकर गंभीर मुद्दा उठाते हुए सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कुमारी सैलजा को विधिवत ज्ञापन सौंपा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में जो भूमि जोहड-/तालाब के रूप में दर्ज है, वास्तविक स्थिति उससे भिन्न है। अनेक स्थानों पर वर्षों पूर्व से चली आ रही स्थितियों के कारण जोहड़-तालाब की भूमि रिकॉर्ड में आवश्यकता से अधिक दर्शाई गई है, जिससे ग्रामीणों को व्यवहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

भूमि का पुनः सर्वे करवाकर उसे वास्तविक स्थिति के अनुसार कम किया जाए

अधिकांश गांवों के लोगों ने ज्ञापन के माध्यम से आग्रह किया है कि जोहड़/तालाब की अधिक दिखाई गई भूमि का पुनः सर्वे करवाकर उसे वास्तविक स्थिति के अनुसार कम किया जाए। साथ ही, जिससे वर्षाजल संचयन, पशुओं के पेयजल और भूजल रिचार्ज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन सौंपने वाली पंचायतों में गुसाईआना, कागदाना, गिगोरानी, हंजीरा,चाडीवाल, जमाल, राजपुरा साहनी, रूपाणा खुर्द, रूपावास, जसानिया, बकरियांवाली, रामपुरा नवंबाद (बगड़िया), दूकड़ा, नाथूसरी कलां, कुक्करथाना, बुडीमेड़ी, बरासरी, रामपुरा ढिल्लो, निरबान और नेजिया खेड़ा शामिल हैं। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि कई स्थानों पर 20 से 100 एकड़ तक जोहड़/तालाब की भूमि से जुड़े विवाद सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर बार-बार निवेदन के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में निराशा है। 

मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग करेंगी कि इस मसले का समाधान सुनिश्चित किया जाए

सांसद कुमारी सैलजा ने पंचायत प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यह मुद्दा केवल राजस्व रिकॉर्ड का नहीं, बल्कि जल संरक्षण, ग्रामीण व्यवस्था और जनहित से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री को शीघ्र ही पत्र लिखकर मांग करेंगी कि इस मसले का संतुलित, तथ्यात्मक और न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं इस विषय को गंभीरता से उठा रही हैं और जनता के साथ खड़ी हैं।

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