औद्योगिक नगरी की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और सडक़ दुर्घटनाओं के बाद यातायात को शीघ्र बहाल करने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को जिला सचिवालय परिसर से उपायुक्त डॉक्टर वीरेन्द्र कुमार दहिया ने पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र सिंह को अत्याधुनिक हाइड्रोलिक क्रेन को औपचारिक रूप से सुपुर्द किया। यह हाइड्रोलिक क्रेन ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारियों को दी गई है। उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया ने बताया कि शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को प्रशासन किसी भी सूरत में हल्के में नहीं ले रहा।
यह क्रेन तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करेगी
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, शहर में कहीं भी दुर्घटना, खराब वाहन या अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों के कारण यातायात बाधित होता है, तो यह क्रेन तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करेगी। हमारा लक्ष्य है कि सड़क पर कोई भी अवरोध लंबे समय तक न रहे और आम नागरिक को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े। उपायुक्त ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यह हाइड्रोलिक क्रेन दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को तेजी से हटाने, जाम की स्थिति को नियंत्रित करने तथा आपदा के समय त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी। उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया ने कहा कि शीघ्र ही शहर में कैमरा लगाने के कार्य पर भी कार्यवाही की जाएगी और इस कार्य को सिरे चढ़ाया जाएगा।
ट्रैफिक व्यवस्था पूरे प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी
उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह क्रेन उसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके माध्यम से शहर को जाम मुक्त, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा। विदित रहे कि जिला प्रशासन द्वारा सड़कों से अतिक्रमण हटाने, दुर्घटनाओं के बाद त्वरित राहत प्रदान करने और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार आधुनिक संसाधन जोड़े जा रहे हैं। इस पहल से न केवल सडक़ सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि शहरवासियों को बार-बार लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. पंकज, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह, डीएसपी ट्रैफिक सुरेश सैनी सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
related
'डोंट डिजायर बट डिजर्व इट’ : विज बोले - मैं 2014 में 'सीनियर मोस्ट' था और अब भी 'सीनियर मोस्ट' हूं... लेकिन मैंने कभी कुछ नहीं चाहा
पांच साल पुराने मर्डर केस में विज का सख़्त रुख : जांच CBI को सौंपने की सिफारिश, पुलिस कर्मचारी के खिलाफ FIR के आदेश